bharosha - 4 by किशनलाल शर्मा in Hindi Love Stories PDF

भरोसा- -अनोखी प्रेम कथा (भाग 4)

by किशनलाल शर्मा Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

वह कुछ समझ पाती उससे पहले दोनो ने उन्हें पकड़ लिया।"कौन हो तुम?छोड़ो मुझे"।नाज़िया दोनो आदमियों की पकड़ से छूटने का प्रयास करने लगी।लेजिन उनकी पकड़ से छूटने में सफल नही हुई तब वह जोर से चीखी थी।रात के ...Read More