TAPTI RET PAR by rajendra shrivastava in Hindi Short Stories PDF

तपती रेत पर

by rajendra shrivastava in Hindi Short Stories

लघुकथा-- तपती रेत पर --राजेन्‍द्र कुमार श्रीवास्‍तव, ‘’जब भी मुँह खोलेगी आग उगलेगी।‘’ ‘कोई ना भी बोले; तो भी दीवालों से बुदबुदा कर सारा वातावरण तनावग्रस्‍त और उत्तेजित कर देगी। एक ही ...Read More