gunga ganv 12 by रामगोपाल तिवारी (भावुक) in Hindi Social Stories PDF

गूंगा गाँव - 12

by रामगोपाल तिवारी (भावुक) in Hindi Social Stories

बारह गूंगा गाँव 12 अकाल का स्थिति में जितनी चिन्ता गरीब आदमी को अपने पेट पालने की रहती है उतनी ही तृष्णा घनपतियों को अपनी तिजोरी भरने की बढ़ जाती है। गाँव की स्थिति को देखकर ठाकुर लालसिंह ...Read More