Master ji ka chashma by SAMIR GANGULY in Hindi Children Stories PDF

मास्टर जी का चश्मा

by SAMIR GANGULY in Hindi Children Stories

1.उसरातखूबजमकरबारिशहुईथी.सुबहहोतेहीयहखबरसारेमोहल्लेमेंफैलगयीकिमास्टरअयोध्याप्रसादगोसाईअबनहींरहे.जबगोकुलनेयहसुनातोउसेलगाकिकानोंनेगलतसुनाहै.हालांकिगोसाईमास्टरपिछलेतीनवर्षोंसेदमेकेमरीजथे, उम्रभीदसकापहाड़ासातबारपढ़चुकीथी.इसपरभीगोकुलकोयकीननआताथाकिमास्टरजीइतनीजल्दीटेंबोलजाएंगे.जिसदिनसेगोकुलनेमास्टरजीकासुनहरेफ्रेमकामोटेशीशोंवालाचश्माचुरायाथा,उसदिनसेउसेयहीडरसताताआयाथाकिएकदिनमास्टरजीउसकीयहहरकतजानजाएंगेऔरफिरअपनाडंडाफटकारतेहुएकुर्तेकीबाजूचढ़ाकरपीटते-पीटतेउसकीपीठकोढोलबनाडालेंगे.***मास्टरजीकेघरकेसामनेकाफीभीड़थी.लोगचुपचापउदासचेहरालटकाएबैठेथे.अर्थीसजाईजारहीथी.मास्टरजीकेमरतेहीउनकाज्ञानेश्वरमहत्त्वहीनहोगयाथाऔरइससमयवहतुलसीकेबिरवेकेनीचेचुपचापपड़ाथा.मास्टरजीअपनीछड़ीकोज्ञानेश्वरकहतेथे.लेकिनआजअचानकहीमास्टरजीकेसाथ-साथज्ञानेश्वरजीभीस्वर्गवासीहोगएथे.लेकिनउसचश्मेकेलिएमास्टरजीकाफीदिनपहलेहीस्वर्गीयहोचुकेथे.हां,अबगोकुलकीभीमनोकामनापूरीहोजाएगी.एकदिनवहमास्टरजीकाचश्मापहनकरपूरेबाजारमेंघूमेगाऔरदेखेगाइसदुनियाको,इसबाजारको,एक-एकप्राणीको...मास्टरजीकेचश्मेसे!रोजकीतरहहीउसनेचौकबाजारमेंहलवाईकोगरमजलेबियांतलतेदेखा.औरतबउसेहमेशाकीतरहजेबमेंपैसेनहोनेकादु:खहुआ,इसदु:खकोभूलनेकेलिएयाफिरललचाईआंखोंकोमोटेहलवाईकीनज़रसेबचानेकेवास्तेउसनेआंखोंपरचश्मालगालिया.लेकिनयहक्या!चश्मालगातेहीजैसेदुनियाबदलगई.यहांतककिवहस्वयंमेंभीएकबदलावमहसूसकरनेलगा.कहांगयाहलवाईकाजलेबीकाकड़ाहाऔरवेलाल-लालजलेबियां?येतोकीचड़मेंकीड़े-मकोड़ेबिलबिलातेनज़रआरहेहैं,औरवहदूध?वहसाफदेखरहाहैउसमेंतैरतेहुएब्लाटिंगपेपरकेछोटे-छोठेटुकड़े.डालडेकीजगहचर्बी.क्यायेमिठाइयांहै?उससेरहानगया,हलवाईकीदुकानकेसामनेजाकरवहजोरसेचिल्लाया, ‘‘बंदकरोयहजहरबनाना!समाजकेदुश्मन,तुम्हेंशर्मनहींआती?’’मिठाईखातेलोगचौंकगए.‘‘क्याबकतेहोबेवकूफ?’’हलवाईगुर्राया.‘‘क्यों,क्यासबकोबतानापड़ेगाकितुमवनस्पतिघीमेंचर्बीऔरदूधमेंब्लाटिंगपेपरमिलातेहो?’’उसनेकहा.‘‘किसनेदेखाहै?’’‘‘मैंने-मास्टरअयोध्याप्रसादगोसाईने.’’‘‘लेकिनतुमतोगोकुलहो.मधुबाबूकेलड़के!’’हलवाईनेउसेझकझोरतेहुएकहा.उसेभीलगाकिशायदवहगोकुलहीहै.दुविधामेंपड़तेहुएउसनेचश्माउतारा.चश्माउतारतेहीदुनियादूसरेरूपमेंथी-वहीपहलेवाली.हां,अबलोगहलवाईकीमिठाइयोंकोठोकरमारतेहुए. ‘थू-थू’करतेहुएदुकानसेबाहरनिकलरहेथे.हालहीमेंजोकुछहुआ,उसपरउसेआश्चर्यहोरहाथा. ‘तोक्यायहचश्मापहनलेनेसेमैंसबकोमास्टरजीकीनज़रसेदेखनेलगाथा!’गोकुलनसोचा,चलोअगरऐसाहै,तोहैतोबड़ाविचित्र,किंतुबुरानहीं.इसकमबख्तमास्टरकोबड़ाघमंडथाकिखूबजमानादेखाहै.चलो,अबहमेंदिखातेचलोकितुमनेक्या-क्यादेखाथा.लोवहअपनेगज्जूदादाआरहेहैं.’‘‘क्योंबेटे?कितनेपैसेचुराएबापके,सिनेमादेखनेकेलिए?’’उसकेमुंहसेनिकला.औरजवाबमेंएककराराघूंसाआया.चश्माचुपचापउठालियाऔरचश्मेकीविशेषतागज्जूदादाकोबताएबिनामाफीमांगतेहुएआगेबढ़गया.कुछआगेजाकरउसनेफिरचश्माआंखोंपरलगालिया.‘यहशायदकमलआरहाहै,बैरिस्टरनेमचंदकालड़का.बड़ेदु:खकीबातहैकिबिल्कुलबापजैसानिकलरहाहै.पिछलेसालपत्थरमारकरझाड़ीमेंऐसाछिपा,जैसेमैंपहचानहीनहींपाऊंगा.लेकिनइसेक्यापताकिमैंकितनातेजदेखताहूं.यहमूर्खतोयहभीनहींजानताहोगाकिजबइसकेबापनेकबूतरमारतेसमयमेरेएकमात्रबच्चेकोगोलीसेभूनदियाथा,तबभीमैंउसकोपहचानगयाथा.वहतोआजतकयहसमझताहैकिवहसफाईसेभागाथा.मैंनेउसेभीमाफकरदियाहै.’चश्मालगाकरदेखतेहुएगोकुलकेमनमेंआया.‘‘क्योंबे,यहचश्माकिसकामाराहै?’’कहतेहुएकमलनेगोकुलकाचश्माउतारलिया.कमलसेचश्मावापसलेतेहुएगोकुलनेकहा, ‘‘कमलगोसाईमास्टरजानतेथेकितुमनेहीउनकासिरफोड़ाथा.वेयहभीजानतेथेकितुम्हारेपितानेउनकेबच्चेकाखूनकियाथा. ’’‘‘क्याबकतेहो?’’कमलचिल्लाया.‘‘चिल्लाओमत,अपनेपिताजीसेपूछना. ’’गोकुलनेनिश्चितभावसेकहा. ‘‘ठीकहै.अगरयहबातगलतहुईतोमैंतुम्हेंकच्चाचबाडालूंगा.’’यहकहकरकमलउल्टेपैरलौटगया.‘गोसाईमास्टर,मुझेतुमपरदयाभीआतीहै,’गोकुलसोचनेलगा, ‘लेकिनतुमथेपूरेजल्लाद.मेरीपीठपरतोतुमनेकईनक्शेहीखींचडालेहैं.तुम्हारावशचलतातोशायदतुममुझेपहाड़ेयादनकरनेकीसजासेफांसीहीदेदेते.लेकिनतुमआखिरमेरेबारेमेंक्यासोचतेथे?’औरगोकुललौटपड़ा.घरपहुंचकरवहआईनेकेसामनेजाखड़ाहुआ.मास्टजीकाचश्मालगातेहीउसकेमनमेंफिरविचारआनेलगे-‘लोइसशैताननेआजफिरकंघीनहींकीहै.मधुबाबूकायहलाडलाछोकराबुरीसंगतिमेंपड़ताजारहाहै.लेकिनमैंइसेहरहालतमेंबचाउंगा,मेरानिश्चयहैकिइसेकुछनकुछबनाकरहीरहूंगा.बेचारेकोपीटतेहुएबड़ादु:खहोताहै.नजानेक्यासोचताहोगामेरेबारेमें?काश!यहसमझपाताकिइसकोएकछड़ीमारतेहुएमेरेसीनेपरएककीलठकसेगड़जातीहै.नजानेक्यों,जबइसेदेखताहूंमुझेअपनेबच्चेकीयादआजातीहै.जीचाहताहैइसेखूबप्यारकरूं.मैंनेचाहाथाकिमेराबच्चाबड़ाहोकरएकडॉक्टरबने.अबमेरीयहीइच्छाहैकिगोकुलएकडॉक्टरबने.इसकेलिएसाराखर्चाभीमैंहीदूंगा.’‘‘क्योंरेगोकुल?इतनीदेरसेआइनेकेसामनेखड़ाक्याकररहाहै?’’मांकीआवाजकमरेमेंगूंजी.‘गोकुल’नामसुनकरवहचौका.फिरउसनेचश्माउताराऔरमास्टरजीकेबारेमेंसोचनेलगा.उसकीआंखोंमेंआंसूभरआए.वहरोउठा: ‘मास्टरजी,तुमबहुतभोलेथे.तुमनेजिसेसिरपरबैठानाचाहा,वहीतुम्हेंठोकरमारनेकामौकातलाशतारहा.लेकिननिराशमतहोना.तुम्हारीआशाओंकोपूराकरनेकीगोकुलहरकोशिशकरेगा.मास्टरजीमुझेआशीर्वाददेना.’गोकुलनेउदासआंखोंसेचश्मेकोदेखा,औरफिरउसेपूरीइज्जतसेकिताबोंकीअलमारीमेंरखदिया.