Best children stories in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

भूत कथा - तो क्या ?
by SAMIR GANGULY

तो क्या...? तो क्या चंदन की बात सही है? क्या सचमुच रात के बारह बजे नगर की समूची टेलीफ़ोन व्यवस्था पर भूतों-जिन्नों और पिशाचों का कब्जा हो जाता है? वे सारी ...

छूना है आसमान - 6
by Goodwin Masih
  • 198

छूना है आसमान अध्याय 6 रात के ग्यारह बज रहे थे। चेतना के मम्मी-पापा और उसकी छोटी बहन अलका सब गहरी नींद में सोये हुए थे, लेकिन चेतना को ...

Dream of fight
by Naina Yadav
  • 723

Once it was a morning of Summer sweetie hear a voice she suddenly get up from the bed things of house were here and there she was terrified and ...

आसमान में डायनासौर - 11 - अतिम
by राज बोहरे
  • 153

आसमान में डायनासौर  11   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  प्रो.दयाल ने चालक की ओर अपना हाथ हिलाकर इंजिन के चलाने के तेल के बारे में पूछा तो ...

बस पांच मिनट
by sudha bhargava
  • 225

बालकहानी  सुधा भार्गव बस पांच मिनट/सुधा भार्गव       नादान अनारू समझ  नहीं पा रहा है माँ को क्या हो  गया है। उसके हर  काम  में देरी करती  हैं।वह पहले की ...

હીરુ- એક હીરો...
by Khyati
  • (11)
  • 274

     ઊંચા પહાડો અને એ સુંદર પહાડો પરથી પોતાના વાંકા-ચૂંકા અમૃત જેવા નીર વહેણ રૂપે વરસાવતી-હાસ્ય કરાવતી , ઝળહળ કરતી, પોતાના ઉદરમાં માછલીઓ સમાવતી, નાચતી-કૂદતી વહી રહેલ નદીના કિનારે એ ...

छूना है आसमान - 5
by Goodwin Masih
  • 255

छूना है आसमान अध्याय 5 उसी समय भीड़ में से निकलकर एक आदमी ने उससे कहा, ‘‘बेटी, मैं हर साल नये साल पर अपनी कम्पनी की तरफ से लोगों ...

आसमान में डायनासौर - 10
by राज बोहरे
  • 177

आसमान में डायनासौर  10   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे        बाहर आते ही सचमुच तैरने लगे थे।                अब कुछ लाभ हुआ।                उन यानों के भी दरबाजे ...

किताबों की क़ैद से आजाद
by SAMIR GANGULY
  • 285

मुनिया से गर्मी की दोपहर का वक्त काटे नहीं कटता.नानी मुटल्ली भरपेट दाल-भात खाकर खर्राटे लेकर सोने लगती है.मम्मी और डैडी ऑफिस.अब मुनिया करे तो क्या? बालकनी पर कितनी ...

आसमान में डायनासौर - 9
by राज बोहरे
  • 267

आसमान में डायनासौर  9   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  तीसरे दिन उन्होंने यान में लगा कम्प्युटर चालू किया और अभी तक देखे गये  ग्रहों की जानकारी और ...

छूना है आसमान - 4
by Goodwin Masih
  • 426

छूना है आसमान अध्याय 4 रोनित के पूछने पर चेतना ने बताया, ‘‘कल वह पार्क में खेल रहे बच्चों को देखकर उनमें इस कदर खो गयी कि उसे इस ...

रेत का घर
by Rajesh Kumar
  • 387

"रेत का घर",         आज अचानक मेरी स्मृति में उभर आया, बचपन के उन सुनहरे औझल हुए पलों को स्मरण कर हृदय भर सा आया। एक अनोखी ...

आसमान में डायनासौर - 8
by राज बोहरे
  • 279

आसमान में डायनासौर  8   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  गगन यान को थोड़ा ऊँचा उठाकर वे एक तरफ बढ़े और नीचे का दृश्य गौर से देखने लगे। ...

मंगल ग्रह के जुगनू
by Prabodh Kumar Govil
  • 639

- अंगूर का रस। गिलहरी ने कहा। - आम का रस। कॉक्रोच चिल्लाया मेंढकी बोली- अनार का रस। तितली पंख फड़फड़ाते हुए बोली - गन्ने का रस! कबूतर कुछ ...

छूना है आसमान - 3
by Goodwin Masih
  • 486

छूना है आसमान अध्याय 3 ‘‘दीदी......।’’ अलका ने जोर से कहा, ‘‘अरे अलका तुम......आओ......लगता है आज मम्मी घर में नहीं हैं ?’’ चेतना ने मुस्कुराते हुए कहा। ‘‘हाँ दीदी, ...

आसमान में डायनासौर - 7
by राज बोहरे
  • 231

आसमान में डायनासौर  7   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  गगन की रफ्तार बढ़ाकर प्रो. दयाल ने उसे दूसरे कोने की तरफ बढ़ा दिया। अचानक उनको एक जगह ...

ख़ुशी का ताबीज
by SAMIR GANGULY
  • 375

पिताजी का नाम यूं तो राजीव सेठ था, पर वे ज़्यादा मशहूर से थे कंजूस सेठ के नाम से.यह नाम बचपन में दादी ने यानी उनकी मां ने, जवानी ...

आसमान में डायनासौर - 6
by राज बोहरे
  • 336

आसमान में डायनासौर  6   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                               जब वे जागे तब फिर रंग विरंगी गेंदे आसपास तैरती दिख रही थी। अबकी बार उन सबने अपना ...

छूना है आसमान - 2
by Goodwin Masih
  • 666

छूना है आसमान अध्याय 2 खिड़की के पास व्हील चेयर पर बैठी चेतना चेयर पर बैठे-बैठे खूब ऊपर को उछल रही है और जोर-जोर से ताली बजा-बजाकर कह रही ...

Ginger, the giraffe
by Shivang Pandey
  • 210

Once upon the time there was a tall giraffe named Ginger she was very kind and want to help everyone ? one day she saw his friend micky the ...

आसमान में डायनासौर - 5
by राज बोहरे
  • 411

आसमान में डायनासौर 5   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                  प्रो. दयाल को अपनी धरती की याद आ गई जिसका विकास करोड़ो वर्षो में हुआ है। उन्होंने अजय-अभय ...

जादुई पेन्सिल
by PriBa
  • 2.2k

खूप खूप वर्षांपूर्वीची गोष्ट आहे ही. दूर एका मायानगरीत पेन्सिल लोकांची जादुई दुनिया होती. त्यामध्ये कलर पेन्सिल वाले लोक, साधी पेन्सिल वाली लोक, म्हातारे पेन्सिल वाले, नवीन नवीन तयार झालेले ...

नीबाबाग
by Jyoti Prakash Rai
  • 462

किसी नगर में एक राजा और रानी राज किया करते थे। राजा को एक लड़का था वह बहुत ही सराराती था, रास्ते में आते जाते लोगों को अक्सर परेशान ...

आसमान में डायनासौर - 4
by राज बोहरे
  • 435

आसमान में डायनासौर 4   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे         जब जागे तो वे चौंक गये उन्होंने अपना यान पुच्छल तारे के पीछे लपकता हुआ लगाया ...

सोलहवाँ साल (18) - अंतिम
by ramgopal bhavuk
  • 420

उपन्यास  सोलहवाँ साल     रामगोपाल भावुक    सम्पर्क सूत्र-      कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110             मो 0 -09425715707Email:-   tiwariramgopal5@gmai.com         ...

त्‍याग
by Ramnarayan Sungariya
  • 381

कहानी--                                त्‍याग                                                                                                        आर.एन. सुनगरया                            मनुष्‍य जब खुश, दु:खी या परेशानी में होता है, तब वह अपने शौक में

छूना है आसमान - 1
by Goodwin Masih
  • 1.2k

उपन्यास के बारे में “छूना है आसमान“, बाल उपन्यास कल्पना कम, हकीकत अधिक है। चेतना से मेरा परिचय किसी और नाम से हुआ था। चेतना उम्र में छोटी जरूर ...

डुगडुगी, छड़ी और मंतर
by SAMIR GANGULY
  • 516

एक जंगल में रहता था एक बंदर. मस्त कलंदर.सारा दिन बंदरपन करता फिरता. कभी सोते भालुओं के कान में चींख कर उन्हें डराता तो कभी डाल हिलाकर पक्षियों को ...

आसमान में डायनासौर - 3
by राज बोहरे
  • 417

आसमान में डायनासौर  3   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे          सामने के पर्दे पर शुक्र के अलावा दूसरे ग्रहों भी दिख रहे थे और प्रो. दयाल दूसरे ...

सोलहवाँ साल (17)
by ramgopal bhavuk
  • 297

    उपन्यास    सोलहवाँ साल      रामगोपाल भावुक    सम्पर्क सूत्र-      कमलेश्वर कॉलोनी (डबरा) भवभूति नगर, जिला ग्वालियर म.प्र. 475110             मो 0 -09425715707Email:-   tiwariramgopal5@gmai.com   ...