अधूरे संवाद ( अतुकांत )

by Alok Mishra in Hindi Poems

कुछ रचनाऐं भाव के प्रवाह मेंं .... सोचने को क्षजबूर करेंगी । संवाद तब पूर्ण होगा जब पाठक पढ़ेगा और चिंतन करेगा।