प्लीज़, मानव को मानव ही रहने दें

by Annada patni in Hindi Short Stories

अन्नदा पाटनी उफ़ ! बारह बज गए । जल्दी जल्दी खाना मेज़ पर लगाओ नहीं तो सुनना पड़ जायेगा," खाना भी टाइम से नहीं लगा सकते हो । यह नहीं सोचते कि खाने के बाद मैं आधा घंटा आराम ...Read More