KAASH! ATIIT KO BADAL SAKTI... by मंजरी शर्मा in Hindi Classic Stories PDF

काश! अतीत को बदल सकती ...

by मंजरी शर्मा in Hindi Classic Stories

"नमस्ते आंटी; मैं नेहा... आपके नए पड़ोसी. वो नवरात्री का आज आखिरी कीर्तन है; तो मम्मी ने आपको बुलाने भेजा है. उन्होंने कहा है की आज तो कीर्तन में आपको आना ही होगा.""हाँ हाँ... मैं ज़रूर आऊँगी. तुम बैठो. ...Read More