mujhe swr do tumhe mai geet ka uphar dunga by कृष्ण विहारी लाल पांडेय in Hindi Poems PDF

स्वर दो तुम्हें मैं गीत का उपहार दूंगा

by कृष्ण विहारी लाल पांडेय in Hindi Poems

तुम मुझे स्वर दो तुम्हें मैं गीत का उपहार दूंगा खोजता था मैं अभी तक आंधियों में शांति के क्षण, जिन्दगी से हार मांगे मौत से दो मधुर चुम्बन। अमा के तम में अमर आलोक की बस कल्पना ...Read More