चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 55

by Suraj Prakash Matrubharti Verified in Hindi Biography

चार्ली चैप्लिन मेरी आत्मकथा अनुवाद सूरज प्रकाश 55 डिनर के वक्त जिस वक्त हम डाइनिंग हॉल में पहुंचे तो कॉकटेयु दूर कोने वाली मेज़ पर बैठे हुए थे और उनकी पीठ हमारी तरफ थी। लेकिन उनका सचिव हमारी तरफ ...Read More