Pratishodh - 9 by Saroj Verma in Hindi Love Stories PDF

प्रतिशोध--भाग(९)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

योगमाया की बात सुनकर सत्यकाम कुछ आशंकित सा हुआ,उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं अब माया से प्रेम स्वीकार करूँ या अस्वीकार क्योंकि माया ने तो मेरे समक्ष नेत्रहीन बनने का अभिनय किया,साधारण लड़की बनकर मेरे ...Read More