Mother's love by praveen singh in Hindi Poems PDF

माँ कि ममता

by praveen singh in Hindi Poems

“माँ”दर्द होता था हमें अगर, तो माँ की नींद उड़ जाती थी ठण्ड में ऐसे रहो,गर्मी में ये करो, माँ ही तो थी जो हर पल पीछे पड़ जाती थी ऐसा नहीं है की हमें प्यार नहीं था उनसे, ...Read More