चोलबे ना - 4 - रवीश भाई, कन्हैया और मेरा सपना

by Rajeev Upadhyay in Hindi Humour stories

कल अचानक ही रवीश भाई से मिलना हो गया। कौन? अरे भाई! वही अपने रवीश भाई जी! कमाल है अभी भी आप नहीं समझे! अरें भई रवीश कुमार के बारे बात कर रहा हूँ। अब तो आप समझ गए ...Read More