Kali Dhoop - Subhash Nirav (translation) by राजीव तनेजा in Hindi Book Reviews PDF

काली धूप- सुभाष नीरव (अनुवाद)

by राजीव तनेजा Matrubharti Verified in Hindi Book Reviews

जब किसी दुख भरी कहानी को पढ़ कर आप उस दुःख.. उस दर्द..उस वेदना को स्वयं महसूस करने लगें। पढ़ते वक्त चल रहे हालातों को ना बदल पाने की अपनी बेबसी पर कुंठित हो..कभी आप तिलमिला उठें छटपटाते रहें ...Read More