Vivek you tolerated a lot! - 3 by S Bhagyam Sharma in Hindi Detective stories PDF

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 3

by S Bhagyam Sharma Matrubharti Verified in Hindi Detective stories

अध्याय 3 रूपला बिल्कुल ऊंची चोटी पर चढ़कर खड़ी हुई तो नीचे उतर न पाने की वजह से तड़पने लगी। अपनी होंठों को बाहर निकाल कर बोली। "वि....वि... विष्णु...! तुम यहां कैसे?" "क्यों मैडम... मुझे मुन्नार आना नहीं चाहिए ...Read More