खौलते पानी का भंवर - 14 - काँच के सपने (अंतिम भाग)

by Harish Kumar Amit Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

काँच के सपने बाएं हाथ में उपहार के पैकेट को बड़े ध्यान से पकड़े हुए जब वह घर से निकला तो अंधेरा पूरी तरह छा चुका था. सधे हुए कदमों से वह बस स्टॉप की ओर चल पड़ा. हर ...Read More