Short stories by नवीन एकाकी in Hindi Short Stories PDF

छोटी कहानियां

by नवीन एकाकी in Hindi Short Stories

दो जिस्म एक जानचाचा जलेबी खानी है... तो खा ले बेटा... पर मेरे पास आज पैसे नही तो कल दे देना... हम्म्म्म...ठीक है चाचा, कल पैसे दे दूंगी। ठीक है बिटिया, ले खा ले...! जलेबी खा कर वो ठुमकती ...Read More