Dreams (Part 2) by किशनलाल शर्मा in Hindi Social Stories PDF

सपने (भाग 2)

by किशनलाल शर्मा Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

बेटे की बात सुनकर नागेश के पिता बोले,"बेटा तू खुद समझदार है।""पिताजी वहां काम करने से हमारे परिवार की गरीबी दूर हो जायेगी।राजन को खूब पढ़ा सकेंगे।रुक्मा, देवी और पार्वती भी पढ़ लेंगी और उनकी शादी भी ...Read More