Exaltation - Sankranti period by डॉ अनामिका in Hindi Poems PDF

उमंग - संक्राति काल

by डॉ अनामिका in Hindi Poems

परशुराम का तेज~~~~~||||~~~~शस्त्र,शास्त्र दोनों बल हैं इससे मानव रचता है इतिहासमानवता जब पूजी गयी हुआ तम का ह्रासरक्षक बने परशुरामदधीचि की हड्डियों का करते नित्य अभिषेकहड्डी अमूर्त थींमूर्त दिखा धनुधारी का वेशस्वंयवर चयन में जब प्रचंड टंकार हुआतब परशुराम ...Read More