Jindagi Satrang - 4 by Sarita Sharma in Hindi Social Stories PDF

ज़िन्दगी सतरंग.. - 4

by Sarita Sharma in Hindi Social Stories

अम्मा जी और फ़ौजी अंकल अब बूढ़े हो चुके थे..ईर्ष्या,काम, क्रोध, लोभ, मोह.. इन सबसे कोसो दूर..हां क्रोध और मोह अभी बाकी था और बाकी था ढेर सारा बचपना भी...बच्चे जैसे दिमाग से नही सोचते मन के निश्छल होते ...Read More