my village by Anand Tripathi in Hindi Poems PDF

मेरा गांव

by Anand Tripathi in Hindi Poems

मुझको शहर नहीं मेरा गांव चाहिए मुझको शहर नहीं है मेरा गांव चाहिएआम के बगीचे वाली छांव चाहिएमुझको शहर नहीं मेरा गांव चाहिएगर हो इलाज करना तो पत्तों को काट लूंगर एक आम पाऊं तो आपस में बांट लूंकागज ...Read More