Me and My Feelings - 41 by Darshita Babubhai Shah in Hindi Poems PDF

में और मेरे अहसास - 41

by Darshita Babubhai Shah Matrubharti Verified in Hindi Poems

आज बारिस के साथ आंखे भी बरसने लगी lयाद आने के साथ आंखे भी छलकने लगी ll कुछ ज्यादा ही लंबे हो गये हैं जुदाई के साल lदिलोदिमाग के साथ आंखे भी तरसने लगी ll डाकिया के हाथ में ...Read More