Pavitra Prem - last part by किशनलाल शर्मा in Hindi Love Stories PDF

पवित्र प्रेम (अंतिम किश्त)

by किशनलाल शर्मा Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

हुमायूं के दिल मे लगी आग गुलनार को भी सुलगा रही है।वह दौड़ी हुई हुमायु के कक्ष में आयी।भागने की वजह से उसकी सांसे फूल गयी थी।"क्या हुआ नादिरा?इस तरह दौड़ी हुई क्यो आयी हो?कही कुछ?"हुजूर गज़ब हो गया?""कैसा ...Read More