Vaishya ka Bhai - 3 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(३)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

केशरबाई मुज़रा करते हुए बहुत थक चुकी थी इसलिए वो रातभर बिना करवट बदले ही सोती रही,उसकी आँख सीधे सुबह जाकर ही खुली ,जब शकीला उसे जगाने आई और वो केशर को जगाते हुए बोली.... और ...Read More


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