Vishya ka bhai - 4 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(४)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

इन्द्रलेखा मजबूर थी या कि उसमें हिम्मत ना थी सही को सही या गलत को गलत कहने की,ये तो वो ही जान सकती थी,इतने सालों से उसने कभी भी इस जुल्म के ख़िलाफ़ कोई भी आवाज़ नहीं उठाई थी,क्या ...Read More


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