Vishya ka bhai - 8 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(८)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

ताँगा रूका, दोनों ताँगेँ से उतरीं फिर केशर ने ताँगेवाले को पैसे दिए और दोनों ने खरीदारी वाला सामान उतार कर दरवाजे के भीतर चलीं गईं,तभी गुलनार ने आकर पूछा।। आप दोनों आ गईं,बहुत वक्त लगा दिया,ऐसी ...Read More


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