Vaishya ka bhai - 9 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(९)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

मंगल के जाने के बाद फ़ौरन ही शकीला,केशर के पास पहुँची,उसे देखकर केशर बोली..... ऐसी क्या बातें हो रहीं थीं तेरे और गुलनार ख़ाला के बीच जो तूने इतनी देर लगा दी,मैं कब से खाने के लिए तेरा इन्तज़ार ...Read More


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