Vaishya ka bhai - 11 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(११)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

मत रो मेरे भाई! अब से तू खुद को अकेला मत समझ,मैं हूँ ना ! तेरे दुःख बाँटने के लिए,मंगल बोला।। लेकिन मंगल भइया! कभी कभी जब माँ की हालत के बारें में सोचता हूँ तो रोना आ ही ...Read More


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