Vaishya ka bhai - 14 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(१४)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

बहु-बेग़म झरोखे पर अपने बीते हुए कल को याद करने लगी,उसके अब्बाहुजूर निहायती गरीब थे,उसकी अम्मी कैसे एक एक चीजों की बजत किया करती थी,अब्बा किसी जमींदार के यहाँ मुलाजिम थे,उसके खेतों में काम किया करते थे,बस दो वक्त ...Read More


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