Vaishya ka bhai - 16 by Saroj Verma in Hindi Classic Stories PDF

वेश्या का भाई - भाग(१६)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

गुलनार और नवाबसाहब को ये मालूम नहीं चला कि उन दोनों की बातें परदे के पीछे से बहु-बेग़म सल्तनत सुन रहीं थीं,दोनों की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सल्तनत फौरन ही सादे कपड़ो में बुर्का डालकर एक नौकर ...Read More


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