Me and My Feelings - 49 by Darshita Babubhai Shah in Hindi Poems PDF

में और मेरे अहसास - 49

by Darshita Babubhai Shah Matrubharti Verified in Hindi Poems

चलो एक बार फिर से बचपन में चले जाते हैं lहर पल हर लम्हा चैन ओ सुकून की साँस पाते हैं ll ******************************** जिंदगी रुक गई साँसें चलतीं रहीं lउम्मीदों के धागे से सिलती रहीं ll रोज रोज ...Read More


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