Life Cycle ( दस्तूर जिंदगी का )

by bhumesh kamdi in Hindi Poems

बचपन खो चूका है कही, किसी पुराने मोड़ पर जवानी भी हे जा रही अपने लड़कपन के छाप छोड़ कर आएगा बहोत जल्द वो मंजर भी ,लोग जिससे अकसर डर जाते ...Read More


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