innovation by praveen bhargava in Hindi Short Stories PDF

नवसृजन

by praveen bhargava in Hindi Short Stories

"पूर्वी मुझे उम्मीद नहीं है कि, स्थिति जल्दी ठीक होने वाली है। क्यों न तुम कुछ दिन के लिए अपने घर चली जाओ? मैं भी गाँव चला जाता हूं, वहां खेती..." पूर्वी ने बात काट दी "वहां खेती करोगे ...Read More