Dowry System and Philosophical Vision by आचार्य जिज्ञासु चौहान in Hindi Philosophy PDF

दहेज प्रथा और दार्शनिक दृष्टि

by आचार्य जिज्ञासु चौहान in Hindi Philosophy

जुगाड़ू: दार्शनिक! यहां अकेले खड़े क्या सोच रहे हो ?वो भी इतनी रात गए !?दार्शनिक: देख रहा हूं।जुगाड़ू: क्या ?दार्शनिक: शादी के वक्त दहेज वाले हालात।जुगाड़ू: अच्छा !? एसा क्या देख रहे हो उसमे ?दार्शनिक: पहले जो दहेज की ...Read More