dust by Latha Ramachandran in Hindi Social Stories PDF

धूल

by Latha Ramachandran in Hindi Social Stories

लेखिका - राजम कृष्णन अनुवादक - डॉ लता रामचंद्रन “क्या देख रही हो?” उसकी उम्र क़रीब छह साल होगी। उसकी फ्रॉक में गीली मिट्टी के दाग लगे हुए थे, और रूखे बेजान बालों में तेल लगा हुआ था. उसकी ...Read More