Me and My Feelings - 62 by Darshita Babubhai Shah in Hindi Poems PDF

में और मेरे अहसास - 62

by Darshita Babubhai Shah Matrubharti Verified in Hindi Poems

मौत की है तलब सखी l जिंदगी ने रुलाया बहुत ll मोहब्बत के लिए लोगों के ll सामने सर झुकाया बहुत ll गर जिंदगी एसी भी होती है l चलो जी लेते हैं हसते हसते ll ...Read More