MAI ZINDA HOON, CHACHA by Rohit Kumar Singh in Hindi Classic Stories PDF

मै जि़न्दा हूं, चाचा

by Rohit Kumar Singh in Hindi Classic Stories

मेरे जूते के सोल की सिलाई उधड गयी थी,ढूंढते हुये मै एक मोची के पास पहुंचा,और मोल भाव करके जूता उसे सीने को दे दिया,बगल मे उसके एक छोटा सा टेबल पडा था,उसी पर बैठ गया,और उससे बाते करने ...Read More