soi takdeer ki malikayen - 18 by Sneh Goswami in Hindi Fiction Stories PDF

सोई तकदीर की मलिकाएँ - 18

by Sneh Goswami Matrubharti Verified in Hindi Fiction Stories

सोई तकदीर की मलिकाएँ 18 सूरज हर रोज चढता रहा छिपता रहा । रात आती रही जाती रही । गर्मी आई फिर बरसात आई । वर्षा आई फिर सर्दी दाँत किङकिङाती हुई आई और चली गई ...Read More