शायरी - 15 Pandit Pradeep Kumar Tripathi द्वारा Love Stories में हिंदी पीडीएफ

shayari by Pandit Pradeep Kumar Tripathi in Hindi Novels
1.परिंदों के जो पऱ आये तो निकल पड़े जिंदगी का एहतराम करने को। उन्हें क्या मालूम था शिकारी घात लगा के बैठे हैं कत्ले आम करने को।।2माँ ज़िन्दगी का हर हिस्...