कोख से अंत तक - 1 ARTI MEENA द्वारा Philosophy में हिंदी पीडीएफ

Kokh se ant tak by ARTI MEENA in Hindi Novels
एक माँ आज रो रही है।
उसका दम घुट रहा है, वह धीरे-धीरे मर रही है।
क्या कोई उसकी पीड़ा को समझ पाएगा,
या यह दर्द उसे उसके अंत की ओर ले जाएगा?
मैं उसे...