Description
अध्याय:16मुख्यलक्ष्यकीविस्मृतिऔरजीवनकीउड़ान मानवमनकीयहएकबड़ीविडंबनाहैकिवहअक्सरबड़ीसमस्याओंकेसमाधानकेबजायछोटीऔरगौणबातोंमेंइतनाउलझजाताहैकिअपनेअस्तित्वकेमूललक्ष्यकोहीभूलबैठताहै।विमाननइतिहासकीएकअत्यंतहृदयविदारकघटनाइसमानवीयस्वभावकोबड़ेस्पष्टढंगसेदर्शातीहै।वर्ष1972कीबातहै,न्यूयॉर्कसेमियामीकीओरउड़ानभररहाएकविमानअपनेगंतव्यकेबेहदकरीबथा।सबकुछसामान्यचलरहाथा,लेकिनजैसेहीलैंडिंगकासमयआया,एकछोटीसीतकनीकीशंकानेपूरेक्रूकोभ्रमितकरदिया।हवाईअड्डेकेनिकटपहुँचतेहीकैप्टननेविमानकेपहिएखोलनेकाबटनदबाया,लेकिनडेशबोर्डपरजोहरीबत्तीजलनीचाहिएथी,वहनहींजली।हालांकिविमानकेइंजीनियरनेपुष्टिकरदीथीकिपहिएसुरक्षितरूपसेनीचेखुलचुकेहैं,फिरभीविमानकेचालकदलकापूराध्यानउसएकनजलनेवालेबल्बपरटिकगया।विमानकोसुरक्षितउतारनेकेबजाय,वेसभीउसछोटेसेहरेबल्बकीमरम्मतऔरउसपरचर्चाकरनेमेंइतनेव्यस्तहोगएकिउन्हेंसमयकीगतिऔरऊंचाईकाभानहीनहींरहा।उसछोटेसेबल्बकीउलझनमेंवेयहभूलगएकिवेएकविशालकायजेटविमानउड़ारहेहैंजिसमेंसैकड़ोंजिंदगियांसवारहैं।जबवेबल्बसेछेड़खानीकररहेथे,तबविमानबहुततेजीसेनीचेकीओरगिररहाथा।दुर्भाग्यवश,जबतकउनकाध्यानइसबड़ीखतरेकीओरजाता,तबतकबहुतदेरहोचुकीथी।एकभीषणदुर्घटनाहुईऔरसौसेअधिकनिर्दोषलोगोंकोअपनीजानगंवानीपड़ी।बादकीजांचमेंयहपायागयाकिदुर्घटनाकाकारणकोईबड़ाइंजनफेलहोनानहीं,बल्किचालकदलकाअपनाध्यानमुख्यकार्यसेहटाकरएकमामूलीबातपरकेंद्रितकरलेनाथा।यहसत्यघटनाहमारेव्यक्तिगतजीवनकेलिएभीएकबड़ासबकहै।हमसभीअपनेजीवनरूपीविमानकेचालकहैं।हमारेजीवनकामुख्यलक्ष्यस्वयंकोखुशरखना,अपनेपरिवारकीदेखभालकरनाऔरसमाजकेलिएकुछसार्थककरनाहै।लेकिनअक्सरहमछोटी-छोटीचिंताओं,दूसरोंकीबातोंयाव्यर्थकेविवादोंके'बुझेहुएबल्बों'कोठीककरनेमेंइतनासमयऔरऊर्जानष्टकरदेतेहैंकिहमेंपताहीनहींचलताकिहमारीखुशीकाविमानकबनीचेगिरनेलगाहै।हमछोटी-छोटीहारयाकमियोंपरइतनाअधिकध्यानदेतेहैंकिजीवनकाआनंदऔरशांतिहमसेकोसोंदूरचलेजातेहैं।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकि'लक्ष्यपरएकाग्रता'हीसफलताऔरसुखकीकुंजीहै।जीवनमेंउतार-चढ़ावऔरछोटी-मोटीसमस्याएँतोआतीहीरहेंगी,लेकिनहमेंयहसुनिश्चितकरनाचाहिएकिहमउनतुच्छबातोंकेकारणअपनेजीवनकीबड़ीखुशियोंकोदांवपरनलगादें।व्यर्थकीचिंताओंमेंउलझकरअपनेसमयकोबर्बादकरनाअपनीहीजीवन-डोरकोकमजोरकरनाहै।हमेंसदैवजागरूकरहनाचाहिएकिहमाराप्राथमिकउद्देश्यक्याहै।खुशरहनाएककलाहै,औरयहकलातभीसिद्धहोतीहैजबहमछोटीबाधाओंकोनजरअंदाजकरअपनीनजरहमेशाबड़ेलक्ष्यपरटिकाएरखें। अध्याय:17ईमानदारीकीसुगंधऔरस्वस्थहृदयकाराज संसारमेंहमप्रतिदिनअनगिनतलोगोंसेमिलतेहैं,लेकिनकुछलोगअपनेसरलव्यवहारऔरअडिगईमानदारीसेहमारेहृदयपरअमिटछापछोड़जातेहैं।ईमानदारीकेवलएकशब्दनहींहै,बल्कियहएकजीवनदर्शनहैजोमनुष्यकोआंतरिकशांतिप्रदानकरताहै।बेंगलुरुजैसेभागदौड़भरेशहरमेंघटीएकसत्यघटनाइसबातकाजीवंतप्रमाणहैकिआदर्शकेवलकिताबोंमेंनहींहोते,बल्किउन्हेंजीनेवालेलोगआजभीहमारेबीचमौजूदहैं।यहकहानीएकअस्पतालकेप्रशासकऔरएकसाधारणऑटोचालक,शांतागौड़ाजीकेबीचहुएएकछोटेलेकिनअत्यंतप्रभावशालीसंवादकीहै।प्रशासकमहोदयप्रतिदिनअपनेघरसेअस्पतालतकजानेकेलिएऑटोकाउपयोगकरतेथेऔरनियतदूरीकेलिएहमेशा१००रुपयेकाभुगतानकरतेथे।एकदिनउनकीमुलाकातशांतागौड़ाजीसेहुई।जबवेअपनेगंतव्यपरपहुँचे,तोउन्होंनेहमेशाकीतरह१००रुपयेदेनेचाहे।परंतुशांतागौड़ाजीनेबड़ीविनम्रतासेअतिरिक्तपैसेलेनेसेमनाकरदिया।उन्होंनेकहाकिमीटरकेअनुसारकिरायाकेवल८०रुपयेहुआहैऔरवेउसनिर्धारितराशिसेएकभीरुपयाअधिकनहींलेंगे।यहसुनकरप्रशासकमहोदयआश्चर्यचकितरहगए,क्योंकिआजकेसमयमेंजहाँलोगअधिकसेअधिकलाभकमानेकीहोड़मेंलगेहैं,वहाँऐसीईमानदारीदुर्लभथी।जबइसकीवजहपूछीगई,तोशांतागौड़ाजीनेएकअत्यंतप्रेरणादायीबातकही।उन्होंनेबतायाकिलगभग१९वर्षपहलेउन्होंनेराष्ट्रपितामहात्मागांधीजीकाएकसुविचारपढ़ाथाकि"ग्राहकहमारेभगवानहोतेहैंऔरहमाराजीवनउन्हींकेमाध्यमसेचलताहै।"उसएकविचारनेउनकेजीवनकीदिशाहीबदलदी।पिछलेदोदशकोंसेवेइसीनियमकापालनकररहेहैं।इसछोटीसीलगनेवालीईमानदारीकीकहानीजबसोशलमीडियापरसाझाकीगई,तोलाखोंलोगोंनेइसेसराहा।यहसिद्धकरताहैकिआजभीसमाजमेंसत्यऔरईमानदारीकेप्रतिगहरासम्मानहै।इसघटनासेप्रभावितहोकरअस्पतालकेप्रशासकनेएकऔररचनात्मककदमउठाया।उन्होंनेनामीचित्रकारोंकेसहयोगसेएक'म्यूरलआर्ट' (भित्तिचित्र)तैयारकरवाया,जिसमेंएकक्यूआरकोडसमाहितथा।यहकलाकृतिसांकेतिकरूपसेहमारेस्वास्थ्यऔरआचरणकोदर्शातीहै।यदिकोईव्यक्तिस्वस्थजीवनशैलीऔरईमानदारीकामार्गचुनताहै,तोवहचित्रगुलाबीरंगमेंनिखरउठताहै,जोएकस्वस्थहृदयकाप्रतीकहै।इसकेविपरीत,अस्वस्थजीवनशैलीऔरअनैतिकविचारउसचित्रकोधुंधलायाकालाकरदेतेहैं।यहकलाकृतिहमेंयाददिलातीहैकिहमारीनीयतऔरहमारेकर्मोंकासीधाअसरहमारेस्वयंकेहृदयपरपड़ताहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिईमानदारीहीश्रेष्ठतमनीतिहै।जीवनकीभागदौड़मेंहमेंउननैतिकमूल्योंकोकभीनहींभूलनाचाहिएजोहमेंएकबेहतरइंसानबनातेहैं।शांतागौड़ाजीकीकहानीहमेंसिखातीहैकिकोईभीकामछोटायाबड़ानहींहोता,बल्किउसेकरनेकातरीकाऔरउसकेपीछेकीनीयतउसेमहानबनातीहै।हमाराहृदयतभीस्वस्थऔरप्रसन्नरहसकताहैजबहमसत्यकेमार्गपरचलेंऔरदूसरोंकेप्रतिनिष्कपटरहें।नेककामकरनेसेनकेवलहमेंआत्म-संतोषमिलताहै,बल्किहमाराव्यक्तित्वभीसमाजकेलिएप्रेरणाकास्रोतबनजाताहै। अध्याय:18संचारकीशक्तिऔरसमाधानकामार्ग आजकेआधुनिकभारतमेंबेंगलुरुशहरकेवलएकमहानगरनहीं,बल्किदेशकेलाखोंयुवाओंकेसपनोंकीकर्मस्थलीबनचुकाहै।सूचनाप्रौद्योगिकी(आईटी)काकेंद्रहोनेकेनाते,यहाँपूरेभारतसेलोगअपनेउज्ज्वलभविष्यकीतलाशमेंआतेहैं।जबविभिन्नक्षेत्रोंऔरभाषाओंकेलोगएकस्थानपरएकत्रहोतेहैं,तोकभी-कभीभाषाईविविधताआपसीसंवादमेंबाधाबनजातीहै।विशेषकरस्थानीयसेवाप्रदाताओंऔरनवागतलोगोंकेबीचछोटी-छोटीबातोंपरझड़पहोनाएकआमसमस्याबनगईथी।लेकिनजहाँअधिकांशलोगसमस्याओंकीशिकायतकरतेहैं,वहींकुछबिरलेलोगऐसेभीहोतेहैंजोस्वयंसमाधानबननेकासाहसदिखातेहैं।अज्जूसुल्तान,जोबेंगलुरुमेंएकसाधारणऑटोचालकहैं,नेइसभाषाईखाईकोपाटनेकाएकअनूठासंकल्पलिया।उन्होंनेदेखाकिउत्तरभारतसेआनेवालेयात्रियोंऔरस्थानीयकन्नड़भाषीचालकोंकेबीचअक्सरगलतफहमियाँकेवलइसलिएपैदाहोतीहैंक्योंकिवेएक-दूसरेकीभाषानहींसमझपाते।अज्जूसुल्ताननेइसटकरावकोरोकनेकेलिएअपनीरचनात्मकताकाउपयोगकिया।उन्होंनेएकछोटासाकार्डबोर्डतैयारकिया,जिसपरदैनिकजीवनमेंउपयोगहोनेवालेकन्नड़शब्दोंकाअंग्रेजीऔरअन्यभाषाओंमेंअर्थलिखाथा।उनकाउद्देश्यसरलथा—संचारकेमाध्यमसेलोगोंकेदिलोंकोजोड़ना।अज्जूसुल्तानकीयहपहलकेवलअनुवादतकहीसीमितनहींथी।उन्होंनेइसमेंआधुनिकतकनीककाभीसमावेशकिया।उन्होंनेउसबोर्डपरएक'क्यूआरकोड' (QR Code)बनाया,जिसेस्कैनकरतेहीलोगवीडियोकेमाध्यमसेशब्दोंकासहीउच्चारणऔरअर्थसीखसकतेथे।उन्होंनेस्वयंकेखर्चपरऐसे५००कार्डछपवाएऔरअपनेसाथीऑटोचालकोंकोबांटे।देखतेहीदेखते,बेंगलुरुकीसड़कोंपरयात्रियोंऔरचालकोंकेबीचहोनेवालीकहासुनीमेंउल्लेखनीयकमीआनेलगी।एकछोटीसीपहलनेएकबड़ेसामाजिकबदलावकीनींवरखदी।जबएकस्वयंसेवीसंस्थानेअज्जूसुल्तानकेइसनिस्वार्थप्रयासकोदेखा,तोवेअत्यंतप्रभावितहुए।उन्होंनेइसपहलकोव्यापकस्तरपरलेजानेकेलिए१०,०००सेअधिकऐसेकार्डछपवाएऔरपूरेशहरकेऑटोचालकोंमेंवितरितकिए।आजअज्जूसुल्तानसोशलमीडियापरएकप्रेरकव्यक्तित्वबनचुकेहैं।उनकीकहानीहमेंसिखातीहैकिसमाजकेप्रतिसहानुभूतिऔरकुछनयाकरनेकाजज्बाहमेंसमस्याओंकाहिस्साबननेकेबजाय'समाधान'काआधारबनादेताहै।एकछोटासाविचार,यदिवहनेकइरादेसेउपजाहो,तोपूरेसमाजकोएकनईदिशादेसकताहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिहमेंजीवनमेंकेवलसमस्याओंकीआलोचनाकरनेवालानहीं,बल्किउनकासमाधानढूंढनेवालाव्यक्तिबननाचाहिए।सहानुभूतिऔरनवाचार(Innovation)वहमाध्यमहैंजिनकेद्वाराहमकठिनसेकठिनसामाजिकबाधाओंकोदूरकरसकतेहैं।भाषाकेवलशब्दोंकासमूहनहीं,बल्किदिलोंकोजोड़नेवालीकड़ीहोनीचाहिए।अज्जूसुल्तानकाउदाहरणसिद्धकरताहैकिसमाजमेंपरिवर्तनलानेकेलिएकिसीऊंचेपदयाबहुतअधिकधनकीआवश्यकतानहींहोती,बल्किएकसंवेदनशीलहृदयऔरदृढ़संकल्पहीपर्याप्तहै। अध्याय:19माता-पिताकामूकबलिदानऔरकृतज्ञताकीरोशनी मध्यमवर्गीयपरिवारोंकीनींवअक्सरउनअनकहेबलिदानोंपरटिकीहोतीहै,जिन्हेंपरिवारकेबच्चेबड़ेहोनेकेबादहीसमझपातेहैं।एकसाधारणघरमेंखुशियाँकिसीबड़ेउत्सवकीमोहताजनहींहोतीं,बल्किवेछोटी-छोटीचीजोंमेंछिपीहोतीहैं।दीपावलीकात्यौहारहोऔरघरकेबच्चोंकोनएकपड़ेनमिलें,ऐसाशायदहीकिसीभारतीयघरमेंहोताहो।पिताचाहेकितनीभीतंगीमेंक्योंनहो,वहअपनेबच्चोंकेचेहरोंपरमुस्कानदेखनेकेलिएअपनीहरसुख-सुविधाकात्यागकरदेताहै।एकऐसाहीसंस्मरणहमेंपिताकेउसप्रेमकीगहराईतकलेजाताहै,जिसेशब्दोंमेंव्यक्तकरनाकठिनहै।बचपनकीयादोंकेझरोखेसेदेखेंतोदीपावलीकासमयहमेशाउत्साहसेभराहोताथा।घरकेबच्चोंकेलिएस्थानीयदर्जीकेयहाँनएकपड़ेसिलनेकेलिएदिएजातेथे।बच्चेअपनीनईपोशाकोंकोलेकरफूलेनहींसमातेथे,लेकिनएकबातहमेशारहस्यबनीरहतीथीकिबाबूजीअपनेलिएनएकपड़ेकबखरीदतेहैं।बच्चोंकीसरलसोचमेंयहबातकभीनहींआईकिपितानेवर्षोंसेअपनेलिएकुछनयानहींखरीदाहै।वेबसयहदेखकरखुशहोजातेथेकित्यौहारकेदिनबाबूजीनेभीकुछनयापहनाहै।सच्चाईवर्षोंबादसामनेआई,जबबच्चोंनेजीवनकीसमझविकसितकी।दरअसल,शादियोंऔरअन्यसामाजिकसमारोहोंमेंउपहारस्वरूपमिलनेवालेकपड़ोंकेथानकोबाबूजीसहेजकररखलेतेथे।वेअपनीपसंद-नापसंदकोदरकिनारकर,उन्हींउपहारमेंमिलेकपड़ोंकोदीपावलीपरसिलवालेतेथे।उनकाउद्देश्यकेवलइतनाथाकिबच्चोंकोयहआभासनहोकिउनकेपिताकेपाससंसाधनोंकीकमीहै,औरसाथहीपरिवारकेत्यौहारकीरस्मभीपूरीहोजाए।पिताकायहमौनत्यागबच्चोंकीखुशियोंकेलिएस्वयंकीइच्छाओंकागलाघोंटनेजैसाथा।यहबलिदानठीकउसीतरहहैजैसेदीपावलीकीरातकेबादसुबहउनबुझेहुएदीयोंकाहोताहै।रातभरस्वयंकोजलाकरदूसरोंकेघरोंकोरौशनकरनेवालेयेदीयेसुबहभलेहीशांतदिखाईदें,लेकिनउनकीसार्थकताउसप्रकाशमेंहैजोउन्होंनेफैलायाथा।हमारेमाता-पिताभीउनदीयोंकेसमानहैंजिन्होंनेअपनापूराजीवनअपनीसंतानकेभविष्यकोसँवारनेमेंलगादिया।उन्होंनेअपनीइच्छाओं,आरामऔरसपनोंकाबलिदानदियाताकिउनकेबच्चेएकबेहतरऔरखुशहालजीवनजीसकें।आजहमजोभीहैंऔरजहाँभीहैं,वहउन्हीं'बुझेहुएदीयों'केसंचितप्रकाशकापरिणामहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिमाता-पिताकाऋणकभीचुकायानहींजासकता।उनकाप्रेमऔरत्यागनिस्वार्थहोताहै,जिसकेबदलेमेंवेकेवलहमारासम्मानऔरसुखचाहतेहैं।हमेंसदैवअपनेमाता-पिताकेप्रतिविनम्रऔरकृतज्ञरहनाचाहिए।जिसप्रकारहमउत्सवकेदीयोंकाआदरकरतेहैं,उसीप्रकारहमेंवृद्धहोतेमाता-पिताकासम्मानकरनाचाहिए।यादरखें,आजआपजिसरोशनीमेंअपनामार्गदेखपारहेहैं,उसेप्रज्वलितकरनेकेलिएकिसीनेस्वयंकोतिल-तिलजलायाहै।माता-पिताकीसेवाहीईश्वरकीसच्चीआराधनाहै।