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अध्याय:20पूर्णसमर्पणऔरपरमात्माकासंगीत महानताकेवलकौशलयानिपुणतामेंनहींहोती,बल्किउसउद्देश्यमेंहोतीहैजिसकेलिएउसकौशलकाप्रयोगकियाजाताहै।इतिहासमेंसंगीतसम्राटतानसेनकानामस्वर्णअक्षरोंमेंअंकितहै।वेमुगलसम्राटअकबरकेदरबारकेनवरत्नोंमेंसेएकथेऔरउनकीगायकीऐसीथीकिमानाजाताथाकिवेरागोंसेवर्षाकरासकतेथेयादीपकप्रज्वलितकरसकतेथे।लेकिनतानसेनकीइसअसाधारणप्रतिभाकेपीछेउनकेगुरुस्वामीहरिदासकाकठोरतपऔरआशीर्वादथा।तानसेनसदैवविनम्रतासेस्वीकारकरतेथेकिउनकीकलाउनकेगुरुकेसामनेकुछभीनहींहै।सम्राटअकबरकेमनमेंतानसेनकेगुरुकासंगीतसुननेकीतीव्रअभिलाषाजगी।उन्होंनेतानसेनसेनिवेदनकियाकिवेउन्हेंस्वामीहरिदाससेमिलवाएं।परंतुस्वामीहरिदासएकविरक्तसंतथेजोकिसीराजदरबारकीशोभानहींबननाचाहतेथे।तानसेननेएकयुक्तिनिकालीऔरसम्राटकोएकसेवककेभेषमेंअपनेसाथवृंदावनचलनेकोकहा।जबवेगुरुदेवकीकुटियामेंपहुँचे,तोतानसेननेगायनप्रारंभकिया।उन्होंनेजानबूझकरगायकीमेंकुछत्रुटियाँकीं।अपनेप्रियशिष्यकीगलतियोंकोसुधारनेकेलिएस्वामीहरिदासनेस्वयंगानाशुरूकिया।जैसेहीस्वामीहरिदासकेकंठसेसुरनिकले,पूरावातावरणईश्वरीयचेतनासेभरगया।सम्राटअकबर,जोएकसेवककेरूपमेंउपस्थितथे,उससंगीतकोसुनकरसुध-बुधखोबैठेऔरमंत्रमुग्धहोगए।उन्हेंऐसाअनुभवहुआमानोस्वयंपरमात्माउनकेसमक्षप्रकटहोगएहों।जबगायनसमाप्तहुआ,तबअकबरनेआश्चर्यचकितहोकरतानसेनसेपूछा, "तुम्हारेगुरुतुमसेइतनाबेहतरऔरप्रभावशालीकैसेगासकतेहैं?"तानसेननेबड़ीहीमार्मिकबातकही, "महाराज,मैंतोएकनश्वरराजाकीप्रसन्नताकेलिएगाताहूँ,लेकिनमेरेगुरुदेवस्वयंकेआनंदऔरपरमात्माकीआराधनाकेलिएगातेहैं।"यहअंतरहीकलाकोसाधनाबनादेताहै।जबकर्मकाउद्देश्यकेवलप्रशंसायाधनप्राप्तकरनाहोताहै,तोउसकीसीमाएंनिश्चितहोतीहैं।परंतुजबकोईव्यक्तिअपनेकर्मकोईश्वरकोसमर्पितकरदेताहै,तोवहकर्मसांसारिकसीमाओंकोपारकरजाताहै।वर्तमानसमयमेंविद्यार्थियोंऔरयुवाओंकेलिएभीयहीसंदेशहै।यदिहमअपनेअध्ययनऔरपरिश्रमकोकेवलपरीक्षापासकरनेकामाध्यमनमानकर,उसेसमाजसेवाऔरईश्वरीयकार्यकेरूपमेंसमर्पितकरें,तोहमारीएकाग्रताऔरसफलताकास्तरकहींअधिकऊँचाहोजाताहै।समर्पणहीवहशक्तिहैजोसाधारणमनुष्यकोअसाधारणबनादेतीहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिसमर्पणहीसफलताकीसर्वोच्चसीढ़ीहै।जबहमअपनेअहंकारकोत्यागकरअपनेकार्योंकोपरमात्मायासमाजकेकल्याणकेलिएसमर्पितकरदेतेहैं,तोहमारेभीतरसेनिकलनेवालीऊर्जाअद्वितीयहोतीहै।किसीकीप्रशंसापानेकेलिएकियागयाकार्यअल्पकालिकसुखदेसकताहै,लेकिनसत्यऔरईश्वरकेप्रतिकियागयासमर्पणहमेंशाश्वतआनंदऔरसिद्धिप्रदानकरताहै।हमेंअपनेहरकर्मको'साधना'मानकरकरनाचाहिए,क्योंकिजहाँपूर्णसमर्पणहोताहै,वहींपरमात्माकावासहोताहैऔरसफलतास्वयंचलकरहमारेपासआतीहै। अध्याय:21खुशियोंकाविज्ञानऔरजीवनजीनेकीकला मानवजीवनकीसबसेबड़ीविडंबनायहहैकिहमजीवनभरजिस'खुशी'कीतलाशमेंभटकतेरहतेहैं,वहअक्सरहमारेभीतरहीछिपीहोतीहै।हमसोचतेहैंकिजबकोईबड़ीसफलतामिलेगी,बहुतसाराधनआएगायाकोईभव्यउत्सवहोगा,तभीहमप्रसन्नहोंगे।लेकिनआधुनिकमनोविज्ञानऔरविश्वप्रसिद्धहार्वर्डयूनिवर्सिटीकेशोधहमेंएकअलगहीदिशादिखातेहैं।उनकेशोधकेअनुसार,खुशहोनाकोईसंयोगनहीं,बल्किएक'चुनाव' (चॉइस)है।हमारेजीवनमेंसुखऔरदुखकीलहरेंआती-जातीरहतीहैं,लेकिनहमअपनीआदतोंऔरनजरिएकोबदलकरअपनीखुशियोंकेस्तरकोबढ़ासकतेहैं।इसशोधनेखुशरहनेकेतीनअत्यंतसरलऔरवैज्ञानिकसूत्रदिएहैं।खुशीकापहलासूत्रहमारेशारीरिकस्वास्थ्यऔरप्रकृतिसेजुड़ाहै।विज्ञानकहताहैकिजबहमकमरेकीचारदीवारीसेबाहरनिकलतेहैं,ताजीहवामेंसांसलेतेहैंऔरशारीरिकरूपसेसक्रियहोतेहैं,तोहमारेशरीरकेभीतरचमत्कारीबदलावहोतेहैं।चाहेवहसुबहकीसैरहो,तैराकीहोयासाइकिलचलाना—जबहमारीमांसपेशियांएकनिश्चितलयमेंगतिकरतीहैं,तोमस्तिष्कमें'सेरोटोनिन'नामकहार्मोनकास्रावहोताहै।इसे'फीलगुड'हार्मोनभीकहाजाताहै,जोहमारेतनावकोकमकरहमेंभीतरसेप्रफुल्लितमहसूसकराताहै।अतःखुशरहनेकेलिएनिष्क्रियताकोत्यागकरएकसक्रियजीवनजीनाअनिवार्यहै।खुशीकादूसरासूत्रहमारेनजरिएमेंबदलावकीमांगकरताहै।अक्सरहमकिसीबड़ीखुशखबरीकीप्रतीक्षामेंउनछोटी-छोटीखुशियोंकोनजरअंदाजकरदेतेहैंजोहरपलहमारेआस-पासबिखरीहोतीहैं।मनोवैज्ञानिकरूपसेयहसिद्धहैकियदिएकछोटीसीनकारात्मकबातहमारामूडखराबकरसकतीहै,तोएकछोटीसीसकारात्मकघटनाभीहमेंनईऊर्जादेसकतीहै।एकखिलताहुआफूल,किसीमित्रकासंदेश,यापरिवारकेसाथचायकाएकप्याला—येछोटी-छोटीबातेंभीबड़ेआनंदकास्रोतबनसकतीहैं।हमेंअपनीखुशीकोभविष्यकीबड़ीघटनाओंकेलिएस्थगितनहींकरनाचाहिए,बल्किवर्तमानकेहरछोटेपलमेंउसेखोजनाचाहिए।खुशीकातीसराऔरसबसेमहत्वपूर्णसूत्रहै'विकल्पोंकोसीमितकरना'।आजकेयुगमेंहमारेपासहरचीजकेलिएअनगिनतविकल्पमौजूदहैं,औरयहीअधिकताहमारेतनावकामुख्यकारणबनतीहै।शोधबतातेहैंकिजितनेअधिकहमारेपासचॉइस(विकल्प)होंगे,हमउतनेहीअधिकभ्रमितऔरअपेक्षाकृतअधिकउदासमहसूसकरेंगे।अपनीआवश्यकताओंऔरइच्छाओंकोसीमितकरनाहीमानसिकशांतिकामार्गहै।ईश्वरनेमनुष्यकोउदासहोनेकेलिएनहीं,बल्किआनंदकेसाथजीनेकेलिएबनायाहै।अपनीपसंदकोसरलऔरस्पष्टरखकरहमजीवनकेभारकोकमकरसकतेहैंऔरवास्तविकप्रसन्नताकाअनुभवकरसकतेहैं।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिसच्चीखुशीबाहरीपरिस्थितियोंपरनहीं,बल्किहमारेआंतरिकनिर्णयोंपरनिर्भरकरतीहै।जीवनकाआनंदलेनेकेलिएहमेंसक्रियरहनाचाहिए,प्रकृतिकेसान्निध्यमेंसमयबितानाचाहिएऔरअपनेभीतरसंतोषकीभावनाविकसितकरनीचाहिए।खुशरहनाएकअभ्यासहैजिसेहमेंप्रतिदिनकरनाचाहिए।जबहमअपनीखुशियोंकीजिम्मेदारीस्वयंलेतेहैंऔरछोटीबातोंमेंकृतज्ञताढूंढतेहैं,तबहमाराजीवनसार्थकऔरआनंदमयीबनजाताहै।यादरखें,आपअपनीखुशीकेनिर्मातास्वयंहैं।अध्याय:22संवेदनशीलताऔरसुरक्षाकानयामार्ग मानवसमाजमेंहमअक्सरदूसरोंकीकमियांनिकालनेऔरपरिस्थितियोंकीआलोचनाकरनेमेंअपनाबहुमूल्यसमयव्यर्थकरदेतेहैं।जैसाकिप्रसिद्धकविगुलजारजीनेबड़ीमार्मिकतासेकहाहैकिलोगोंनेदूसरोंमेंनुक्सनिकालते-निकालतेअपनीपूरीउम्रबितादी,यदिउतनासमयस्वयंकोतराशनेमेंलगायाहोतातोवेफरिश्तेबनजाते।यहबातहमारेसामाजिकदायित्वोंपरभीसटीकबैठतीहै।आजहमारेसमाजकेसामने'बालशोषण' (चाइल्डअब्यूज)एकऐसीभयावहसमस्याहै,जिसपरबातकरनेसेभीलोगकतरातेहैं।बच्चेअक्सर'गुडटच'और'बैडटच'केअंतरकोनहींसमझपातेऔरसंकोचवभयकेकारणअपनेमाता-पितासेभीमनकीबातनहींकहपाते।जबसमाजऐसीगंभीरसमस्याओंकेसामनेमूकदर्शकबनारहताहै,तबकुछसंवेदनशीलव्यक्तित्वअपनीरचनात्मकतासेपरिवर्तनकीमशालजलातेहैं।कर्नाटककेएकयुवायाकरागणेशनेइसदिशामेंएकअनुकरणीयउदाहरणपेशकियाहै।उन्होंनेबच्चोंकीसुरक्षाकोध्यानमेंरखतेहुएएकविशेष'गुड़िया' (डॉल)कानिर्माणकियाहै।यहकोईसाधारणखिलौनानहींहै,बल्किबच्चोंकोशिक्षितकरनेकाएकवैज्ञानिकमाध्यमहै।यदिइसगुड़ियाकोकोईगलततरीकेसेस्पर्शकरताहै,तोइसमेंसेतुरंतचेतावनीभरीआवाज़आतीहै— "मुझेमतछुओ" (डोंटटचमी)।गणेशनेअपनीइसतकनीककोहजारोंबच्चोंकेसामनेप्रदर्शितकियाहै,जिससेबच्चेबिनाकिसीझिझककेयहसीखपारहेहैंकिकौनसास्पर्शउनकेलिएसुरक्षितहैऔरकौनसाअसुरक्षित।अक्सरऐसीअप्रियघटनाओंकेबादसमाजकेवलदुखव्यक्तकरताहैयाप्रतिक्रियादेकरआगेबढ़जाताहै,लेकिनसमस्याकेमूलकारणपरप्रहारबहुतकमलोगकरतेहैं।गणेशजैसेयुवाओंनेइससमस्याकीगहराईकोसमझाऔरएकऐसासमाधाननिकालाजोबच्चोंकोमनोवैज्ञानिकरूपसेसशक्तबनाताहै।उनकीइससार्थकपहलकीगंभीरताकोसमझतेहुएसरकारनेभीउन्हेंआमंत्रितकियाहैताकिइसमॉडलकोऔरअधिकविकसितकरव्यापकस्तरपरबच्चोंतकपहुँचायाजासके।यहकहानीहमेंसिखातीहैकिहमकेवलसमस्याओंपरचर्चाकरनेवालेनबनें,बल्किउनकेसमाधानकाहिस्साबनें।समाजमेंव्याप्तकुरीतियोंऔरखतरोंकेप्रतिजागरूकहोनाहीपर्याप्तनहींहै,उनकेविरुद्धठोसकदमउठानाऔरनईपीढ़ीकोसुरक्षितकरनाहमारापरमकर्तव्यहै।जबहमअपनीप्रतिभाऔरचिंतनकाउपयोगसमाजकेभलेकेलिएकरतेहैं,तोनकेवलहमअपनाअस्तित्वसार्थकबनातेहैं,बल्किराष्ट्रनिर्माणमेंभीहमारानामगौरवकेसाथलियाजाताहै।सुरक्षाकीयहनवीनतकनीकवास्तवमेंमानवताकीसेवाकीदिशामेंएकबड़ाकदमहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिमौनरहनायाकेवलआलोचनाकरनाकिसीसमस्याकाहलनहींहै।एकजागरूकनागरिककेरूपमेंहमारीजिम्मेदारीहैकिहमअपनेआस-पासकेबच्चोंकोशिक्षितऔरसुरक्षितकरें।याकरागणेशकाप्रयासहमेंसिखाताहैकिछोटीसीउम्रमेंभीयदिहमसंवेदनशीलताकेसाथसोचें,तोहमसमाजकोएकबड़ीसुरक्षादेसकतेहैं।हमेंबच्चोंकेसाथसंवादकाऐसावातावरणबनानाचाहिएजहाँवेनिडरहोकरअपनीबातकहसकें।रचनात्मकताऔरसहानुभूतिकामेलहीसमाजमेंवास्तविकऔरसकारात्मकबदलावलासकताहै।अध्याय:23मानसिकअनुशासनऔरविजयकासंकल्प सफलताकेवलशारीरिकपरिश्रमयाकौशलकापरिणामनहींहोती,बल्कियहहमारेमानसिकसंतुलनऔरआंतरिकशांतिपरभीनिर्भरकरतीहै।विशेषकरशतरंजजैसेखेलमें,जहाँहरचालएकगहरीमनोवैज्ञानिकलड़ाईहोतीहै,मनकीस्थिरताहीहारऔरजीतकेबीचकाअंतरतयकरतीहै।भारतकेयुवाग्रैंडमास्टरडोमराजूगुकेश(डी.गुकेश)नेमात्र18वर्षकीआयुमेंविश्वशतरंजचैंपियनशिपजीतकरइतिहासरचदिया।उन्होंनेमहानगैरीकास्परोवकारिकॉर्डतोड़दिया,जिन्होंने22वर्षकीआयुमेंयहखिताबजीताथा।गुकेशकीयहजीतकेवलउनकीप्रतिभाकाप्रमाणनहींहै,बल्कियहउनके'माइंडकंडीशनिंग'यानीमानसिकअनुशासनकीभीएकमहानगाथाहै।विश्वचैंपियनशिपजैसीबड़ीप्रतियोगिताकेदौरानदबावकास्तरइतनाअधिकहोताहैकिबड़े-बड़ेखिलाड़ीभीविचलितहोजातेहैं।आयोजनकेदौरानगुकेशकामानसिकतनावबढ़गयाथा,जिसकासीधाअसरउनकीनींदऔरएकाग्रतापरपड़रहाथा।वेरातभरसोनहींपारहेथे,जोखेलमेंउनकेप्रदर्शनकोप्रभावितकरसकताथा।इसकठिनसमयमेंउन्होंनेदक्षिणअफ्रीकाकेप्रसिद्ध'माइंडकंडीशनिंगकोच'पैडीअपटनकीसहायताली।पैडीअपटननेगुकेशकोकिसीजटिलतकनीककेबजायजीवनकीअत्यंतसरलऔरमूलभूतआदतोंमेंसुधारकरनेकीसलाहदी।कोचनेउन्हेंमोबाइलऔरसोशलमीडियासेदूरीबनाने,शांतवातावरणमेंरहने,प्रेरणादायकपुस्तकेंपढ़नेऔरसुगमसंगीतसुननेकासुझावदिया।येबातेंसुननेमेंबहुतसामान्यलगतीहैं,लेकिनहमारेमस्तिष्ककोशांतऔरकेंद्रितकरनेमेंइनकायोगदानअतुलनीयहै।इनछोटे-छोटेबदलावोंकापरिणामयहहुआकिगुकेशनकेवलतनावमुक्तहुए,बल्किवेआठघंटेकीगहरीनींदलेनेमेंसफलरहे।अगलेदिनजबवेखेलकेमैदानमेंउतरे,तोउनकाशरीरऊर्जासेभराथाऔरउनकामस्तिष्कपूरीतरहसक्रियथा।इसीमानसिकस्पष्टताकेसाथउन्होंनेअपनीचालेंचलींऔरअंततःविश्वविजेताबनकरतिरंगालहराया।डी.गुकेशकीयहकहानीहमेंसिखातीहैकिहमसभीकोअपनेजीवनमेंएक'माइंडकंडीशनिंगकोच'कीआवश्यकताहोतीहै।यहकोचकोईपेशेवरव्यक्तिभीहोसकताहै,याहमारेमाता-पिताऔरसच्चेमित्रभीहोसकतेहैं,जोहमेंसहीसमयपरसहीसलाहदेतेहैं।हमारेमस्तिष्ककोभीउसीतरहकेव्यायामऔरपोषणकीआवश्यकताहोतीहैजैसेहमारेशरीरको।यदिहमअपनेमनकोव्यर्थकेकोलाहलसेबचाकरशांतऔरअनुशासितरखनासीखलें,तोहमजीवनकेकिसीभीक्षेत्रमेंबड़ीसेबड़ीचुनौतीकोपारकरसफलताप्राप्तकरसकतेहैं।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकि'शांतमन'हीसबसेबड़ाहथियारहै।सफलताप्राप्तकरनेकेलिएकेवलकड़ीमेहनतहीपर्याप्तनहींहै,बल्किअपनीमानसिकसेहतकाध्यानरखनाभीउतनाहीअनिवार्यहै।हमेंतकनीकऔरसूचनाओंकेअत्यधिकबोझसेबचकरअपनेमस्तिष्ककोआरामदेनेकेलिएसमयनिकालनाचाहिए।जीवनमेंअनुशासनकेवलसमयपरकामकरनेकानामनहींहै,बल्किअपनेविचारोंऔरआदतोंपरनियंत्रणरखनेकानामभीहै।जबहमारामनस्थिरहोताहै,तभीहमारीक्षमताएंअपनेउच्चतमस्तरपरपहुँचती