Description
अध्याय:24आत्म-विश्लेषणऔरनववर्षकासंकल्प समयनिरंतरगतिमानहैऔरएकवर्षकाबीतजानाकेवलकैलेंडरकेपन्नेबदलनानहींहै,बल्कियहहमारेजीवनकीयात्राकाएकमहत्वपूर्णपड़ावहै।सालकाआखिरीहफ्तावहसमयहोताहैजबहमेंठहरकरपीछेमुड़करदेखनाचाहिएऔरखुदसेकुछगंभीरसवालपूछनेचाहिए।यहसमयबाहरीउत्सवोंसेअधिकआंतरिकविश्लेषणकाहै।नएसालकेस्वागतकीतैयारीमेंहमेंअपनीसफलताओं,असफलताओंऔरअपनेव्यक्तित्वकेविकासकाईमानदारीसेमूल्यांकनकरनाचाहिए।इसकेलिएतीनमुख्यबिंदुहमारेमार्गदर्शकबनसकतेहैं।पहलामहत्वपूर्णप्रश्नयहहैकिइसवर्षआपके'आंतरिकसॉफ्टवेयर'काकौनसाहिस्साअपग्रेडहुआ?यहाँसॉफ्टवेयरसेतात्पर्यमोबाइलयाकंप्यूटरसेनहीं,बल्किआपकेमस्तिष्कऔरकौशलसेहै।क्याआपनेइसवर्षकोईनईकलासीखी?क्याआपनेकोईऐसीपुस्तकपढ़ीजिसनेआपकेसोचनेकाढंगबदलदिया?याक्याआपनेसमाजकेलिएकोईऐसाकार्यकियाजिससेकिसीकेजीवनमेंसकारात्मकबदलावआयाहो?यदिआपनेमानसिकऔरबौद्धिकस्तरपरस्वयंकोनिखाराहै,तोनिश्चितहीआपकाव्यक्तित्वअपग्रेडहुआहै।ज्ञानकाअर्जनहीवहनिवेशहैजोसमयकेसाथसबसेअधिकलाभदेताहै।दूसरापहलूआत्म-सम्मानऔरसेवासेजुड़ाहै।खुदसेपूछिएकिइससालआपकोकिसकार्यकेलिए'अवार्ड'मिलनाचाहिए?पुरस्कारकेलिएकिसीबड़ेमंचकीआवश्यकतानहींहोती।यदिआपनेअपनेबुजुर्गमाता-पिताकीसेवाकीहै,अपनेभाई-बहनोंकासाथदियाहैयानिस्वार्थभावसेकिसीकीमददकीहै,तोआपवास्तवमेंएकसम्मानकेपात्रहैं।आँखेंबंदकरकेकल्पनाकीजिएकिब्रह्मांड(यूनिवर्स)आपको'सर्वश्रेष्ठपरिवारसदस्य'केपुरस्कारसेनवाजरहाहै।यहमानसिकगौरवऔरसंतोषकिसीभीभौतिकट्रॉफीसेकहींअधिकमूल्यवानहै।दूसरोंकीसेवामेंजोसुखमिलताहै,वहीजीवनकीवास्तविकउपलब्धिहै।तीसराऔरसबसेनिर्णायकबिंदुहै—अधूरेसपनोंकोसंकल्पमेंबदलना।हमसभीकेमनमेंकोईनकोईऐसीइच्छाहोतीहैजिसेहमडरयासंकोचकेकारणटालतेरहतेहैं।यदि2024मेंआपनेकिसीआशंकाकेकारणवहकदमनहींउठाया,तोअबसमयआगयाहैकिआपउसडरकोपीछेछोड़दें। 2025केलिएयहसंकल्पलीजिएकिआपअपनीउनइच्छाओंकोपूराकरनेकामार्गढूंढेंगेजोआपकेसिद्धांतोंकेअनुरूपहों।सफलताकीराहमेंआशंकाओंकेपुलपरखड़ेरहनेसेमंजिलनहींमिलती।जैसाकिकहागयाहै, "आरलगाओयापार,लेकिनचलतेरहोमेरेयार।"निरंतरचलतेरहनाहीजीवनकानामहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिप्रगतिकाअर्थकेवलआर्थिकविकासनहीं,बल्किचारित्रिकऔरमानसिकविकासभीहै।हमेंअपनीउपलब्धियोंकोकेवलबाहरीपैमानोंपरनहींतौलनाचाहिए,बल्किअपनेभीतरआएसकारात्मकबदलावोंकोभीपहचाननाचाहिए।सेवा,कृतज्ञताऔरसाहसहीवेगुणहैंजोनएसालकोवास्तवमें'नया'औरअर्थपूर्णबनातेहैं।आनेवालेवर्षमेंडरऔरशंकाओंकोत्यागकर,ज्ञानऔरसेवाकेपथपरअडिगरहनाहीसफलताकीअसलीकुंजीहै। अध्याय:25ईश्वरीयन्यायऔरदुआ-बददुआकाविधान संसारमेंकर्मोंकालेखा-जोखाअत्यंतसूक्ष्मऔरन्यायपूर्णहै।अक्सरहमइसबातकोलेकरचिंतितरहतेहैंकिसमाजहमारेबारेमेंक्यासोचताहैयालोगहमेंक्यादेतेहैं—प्रेमऔरदुआ,अथवाईर्ष्याऔरबददुआ।जीवनकाएककड़वासत्ययहहैकिआपचाहेकितनाभीश्रेष्ठकार्यक्योंनकरलें,कुछलोगऐसेअवश्यहोंगेजोआपकीआलोचनाकरेंगेयाआपकोकोसेंगे।इसकेविपरीत,कईबारअनजानेमेंहुईभूलोंकेबादभीकुछलोगहमेंदुआएंदेजातेहैं।यहविरोधाभासहमेंअक्सरमानसिकतनावमेंडालदेताहै,लेकिनयदिहमईश्वरीयव्यवस्थाकोसमझलें,तोहमारामनशांतहोसकताहै।ईश्वरीयन्यायप्रणालीकोसमझनेकेलिएहमअपनेप्रशासनिकतंत्रकाउदाहरणलेसकतेहैं।जिसप्रकारकिसीविभागमेंकोईआवेदनयाफाइलनिचलेस्तरसेहोकरउच्चाधिकारी(सुप्रीमअथॉरिटी)तकजातीहैऔरवहांगहनजांचकेबादहीस्वीकृतयाअस्वीकृतहोतीहै,ठीकवैसीहीव्यवस्थाईश्वरकेदरबारमेंभीहै।हमारेद्वाराकिएगएकार्यऔरदूसरोंद्वाराहमेंदीगईदुआयाबददुआ,सबएक'फाइल'केरूपमेंउसपरमसत्ताकेपासपहुँचतेहैं।वहसर्वोच्चन्यायधीशयहतयकरताहैकिकौनसाभावयथार्थहैऔरकौनसाकेवलद्वेषवशकहागयाहै।यदिआपअपनेजीवनमेंसत्यऔरईमानदारीकेमार्गपरचलरहेहैं,तोआपकोकिसीकीबददुआसेडरनेकीलेशमात्रभीआवश्यकतानहींहै।जबकोईद्वेषवशआपकोकोसताहै,तोवहफाइलईश्वरकेपासपहुँचतीहै,लेकिनआपकेनेककर्मोंकोदेखतेहुएईश्वरउसेतुरंत'अस्वीकृत' (Reject)करदेतेहैं।वहनकारात्मकऊर्जाआपतकपहुँचहीनहींपाती।इसकेविपरीत,यदिआपकिसीपीड़ितकीसेवाकरतेहैंऔरउसकेहृदयसेआपकेलिएदुआनिकलतीहै,तोईश्वरउसेसहर्ष'स्वीकृत' (Approve)करतेहैं।वहदुआकवचबनकरआपकीरक्षाकरतीहैऔरआपकेजीवनमेंसुख-समृद्धिलातीहै।अतः,मनुष्यकाप्राथमिककर्तव्यकेवल'नेककर्म'करनाहोनाचाहिए।परिणामऔरलोगोंकीप्रतिक्रियाओंकानिर्णयउसपरमात्मापरछोड़देनाचाहिए।जबहमारीनीयतसाफहोतीहैऔरहमारेउद्देश्यपवित्रहोतेहैं,तोपूरीकायनातहमारीरक्षामेंजुटजातीहै।बददुआएंउनपरअसरकरतीहैंजोगलतमार्गपरहोतेहैं,लेकिनएकधर्मात्माव्यक्तिकेलिएदुआएंहीएकमात्रसत्यबनजातीहैं।चिंताछोड़करकेवलचिंतनऔरसेवापरध्यानदेनाहीश्रेष्ठजीवनजीनेकीकलाहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिहमेंदूसरोंकीनकारात्मकतासेविचलितनहींहोनाचाहिए।ईश्वरीयन्यायव्यवस्थाअचूकहै;वहांनतोअन्यायहोताहैऔरनहीपक्षपात।यदिआपकीआत्मागवाहीदेतीहैकिआपसहीहैं,तोदुनियाकीकोईभीबददुआआपकाअहितनहींकरसकती।हमेशादूसरोंकाभलाकरनेकाप्रयासकरें,क्योंकिलोगोंकेहृदयसेनिकलीदुआहीवहवास्तविकपूंजीहैजोसंकटकेसमयहमेंसंबलप्रदानकरतीहै।अच्छाकामकरतेरहें,क्योंकिईश्वरहरफाइलकाअंतिमनिर्णयसत्यकेआधारपरहीलेतेहैं। अध्याय:26चारित्रिकश्रेष्ठताऔरजेंटलमैनकीपरिभाषा स्वामीविवेकानंदनकेवलभारतकेगौरवहैं,बल्किवेसंपूर्णविश्वकेयुवाओंकेलिएऊर्जाऔरप्रेरणाकेअटूटस्रोतहैं।उनकाजीवनहमेंसिखाताहैकिमनुष्यकीपहचानउसकेबाहरीपहनावेसेनहीं,बल्किउसकेआंतरिकविचारोंऔरचरित्रसेहोतीहै।एकबारस्वामीजीविदेशमेंथेऔरअपनीपारंपरिकभारतीयवेशभूषा—साधारणवस्त्रऔरसिरपरपगड़ी—मेंसड़कपरपैदलचलरहेथे।उन्हेंदेखकरएकविदेशीव्यक्तिनेउनकीसाधारणवेशभूषाकाउपहासउड़ानाशुरूकरदियाऔरअभद्रतादिखातेहुएउनकीपगड़ीखींचदी।स्वामीजीनेअत्यंतधैर्यऔरकुशलतासेअंग्रेजीमेंपूछा,"तुमऐसाक्योंकररहेहो?"वहविदेशीयहसुनकरचकितरहगयाकिएकसाधारणदिखनेवालाभारतीयइतनीधाराप्रवाहअंग्रेजीबोलसकताहै।उसनेपूछा,"क्याआपशिक्षितहैं?क्याआपएकजेंटलमैन(सज्जनव्यक्ति)हैं?"तबस्वामीजीनेएकऐसाऐतिहासिकउत्तरदियाजोआजभीप्रासंगिकहै।उन्होंनेकहा—"तुम्हारेदेशमेंएकदर्जी,जोतुम्हारेकपड़ेसिलताहै,वहतुम्हें'जेंटलमैन'बनाताहै;जबकिमेरेदेशमेंव्यक्तिकाचरित्रऔरउसकाव्यवहारउसे'सज्जन'बनाताहै।"यहप्रसंगहमारीआधुनिकशिक्षाव्यवस्थाऔरमानसिकतापरएकगहराकटाक्षहै।आजभीप्राथमिककक्षाओंमेंबच्चे'G for Gentleman'पढ़तेहैं,जहाँएकसूट-बूटऔरटाईपहनेहुएव्यक्तिकाचित्रबनाहोताहै।इसछविकाप्रभावयहहोताहैकिएककिसान,एकदुकानदारयाएकसाधारणकर्मचारीकाबच्चाअपनेपिताकोउस'जेंटलमैन'कीश्रेणीमेंरखहीनहींपाता।हमअनजानेमेंयहमानबैठतेहैंकिसज्जनताकेवलमहंगेकपड़ोंऔरआधुनिकजीवनशैलीकानामहै।हकीकतमें,सज्जनताकाअर्थहै—हृदयकीकोमलता,व्यवहारकीमधुरताऔरचरित्रकीदृढ़ता।हमेंअपनीआनेवालीपीढ़ियोंकोयहसंस्कारदेनेकीआवश्यकताहैकिएकपसीनेसेतर-बतरकिसानयासाधारणवस्त्रोंमेंअपनीजिम्मेदारीनिभातापिताभीउतनाहीबड़ा'जेंटलमैन'है,जितनाकिकोईसूटपहनाव्यक्ति।वेशभूषाकेवलशरीरकोढंकनेकामाध्यमहै,लेकिनव्यवहारआत्माकादर्पणहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिहमेंकभीभीकिसीव्यक्तिकामूल्यांकनउसकेबाहरीस्वरूपसेनहींकरनाचाहिए।वास्तविक'जेंटलमैन'वहहैजिसकामनपवित्रहैऔरजोदूसरोंकेप्रतिसम्मानऔरकरुणाकाभावरखताहै।हमारीशिक्षाकाउद्देश्यकेवलडिग्रियांप्राप्तकरनानहीं,बल्किएकउच्चचरित्रकानिर्माणकरनाहोनाचाहिए।स्वामीविवेकानंदकेशब्दहमेंयाददिलातेहैंकिभारतकीसंस्कृति'संस्कारों'कीसंस्कृतिहै,औरयहाँश्रेष्ठताकामापदंडकेवलनैतिकताऔरसदाचारहै। अध्याय:27नेकइरादाऔरकर्तव्यकीपराकाष्ठा जीवनमेंकईबारऐसीपरिस्थितियाँउत्पन्नहोतीहैंजहाँहमारेसामनेदोरास्तेहोतेहैं—एकवहजोनियमोंऔरऔपचारिकताओंसेबंधाहोताहै,औरदूसरावहजोमानवताऔरअंतरात्माकीपुकारसुनताहै।नियमोंकापालनकरनासुरक्षितहोसकताहै,लेकिननियमोंसेपरेजाकरकिसीकीजानबचानेकाप्रयासकरनाहीमनुष्यताकोगौरवान्वितकरताहै।महाराष्ट्रमेंतपोवनएक्सप्रेसकेसाथघटीहालियाघटनाइसीअदम्यसाहसऔरनेकइरादेकीएकमहानमिसालहै।नांदेड़कीओरजारहीतपोवनएक्सप्रेसजबमनमाडजंक्शनकेसमीपथी,तबअचानककिसीनेट्रेनकीचेनखींचदी।ट्रेनकेलोकोपायलटकदमऔरउनकेसाथीआलमकोसूचनामिलीकिशेखनामकएकयात्रीचलतीट्रेनसेगिरगयाहै।स्थितिकाजायजालेनेपरउन्होंनेपायाकिउसघायलयात्रीकोसुरक्षितनिकालनातभीसंभवथाजबट्रेनकोलगभग७००मीटरपीछे(रिवर्स)लियाजाए।रेलवेकेइतिहासमेंयात्रियोंसेभरीट्रेनकोरिवर्सगियरमेंचलानाएकअत्यंतदुर्लभऔरजटिलप्रक्रियाहै,जिसकेलिएकड़ेसुरक्षाप्रोटोकॉलऔरउच्चस्तरीयअनुमतिकीआवश्यकताहोतीहै।लोकोपायलटोंनेअपनेव्यक्तिगतविवेकऔरमानवताकोसर्वोपरिरखतेहुएस्टेशनकंट्रोलरसेसंपर्ककिया।उन्होंनेअपनीबातइतनेप्रभावशालीढंगसेरखीकिकंट्रोलरनेभीउसयात्रीकीजानबचानेकेमहत्वकोसमझाऔरविशेषअनुमतिप्रदानकरदी।सुरक्षाकोध्यानमेंरखतेहुएपीछेसेआनेवालीट्रेनकोरोकागयाऔरपूरीसावधानीकेसाथट्रेनको७००मीटरपीछेलेजाकरउसघायलयात्रीकोबाहरनिकालागयाऔरतुरंतअस्पतालपहुँचायागया।यद्यपिनियतिकोकुछऔरहीमंजूरथाऔरदोदिनोंकेसंघर्षकेबादअस्पतालमेंशेखकीमृत्युहोगई,लेकिनलोकोपायलटोंकावहप्रयासनिष्फलनहींथा।यदिउसदिनउन्होंनेकेवलनियमोंकीदुहाईदीहोतीऔरट्रेनआगेबढ़ादीहोती,तोशायदउसयात्रीकीमृत्युट्रेनकेनीचेआनेसेहोजाती,जोउनलोकोपायलटोंकेलिएजीवनभरकीआत्मग्लानिकाकारणबनजाती।उनकानिर्णयभलेहीअंततःउसजानकोनबचासकाहो,लेकिनउनका'इरादा'बिल्कुलस्पष्टऔरमहानथा।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकि'परिणाम'हमेशाहमारेहाथमेंनहींहोते,लेकिन'प्रयास'और'इरादा'सदैवहमारेनियंत्रणमेंहोतेहैं।जीवनमेंजबभीमानवताऔरनियमोंकेबीचद्वंद्वहो,तोहमेंअपनीअंतरात्माकीपुकारसुननीचाहिए।एकसहीइरादेसेलियागयाकठिननिर्णय,चाहेवहसफलहोयानहो,हमेंआत्म-संतोषऔरमानसिकशांतिप्रदानकरताहै।हमेंकभीभीइसडरसेपीछेनहींहटनाचाहिएकिहमाराप्रयासविफलहोसकताहै;बल्किहमेंइसबातपरगर्वहोनाचाहिएकिहमनेकिसीकीभलाईकेलिएअपनासर्वश्रेष्ठयोगदानदिया।नेककामकरनेकाजज्बाहीइंसानकोफरिश्ताबनाताहै।