कहानी "बहुरूपिये" एक व्यक्ति के अपने पिता और परिवार से मिलने के अनुभव के इर्द-गिर्द घूमती है। वह व्यक्ति लंबे समय के बाद अपने घर लौटता है, जहां उसका पिता उसे देख कर भावुक हो जाते हैं। पहले के समय में पिता का व्यक्तित्व उसके लिए डरावना था, लेकिन अब उनकी उम्र और भावनाएं उसे छू लेती हैं। कहानी में पिता बेटे को उसकी जिम्मेदारियों का एहसास दिलाते हैं और यह बताते हैं कि उसे अपने परिवार की देखभाल के लिए काम करना चाहिए। बेटे ने ठान लिया था कि जब तक वह खुद कमाई नहीं करेगा, तब तक वह घर नहीं लौटेगा। जब वह घर लौटता है, तो उसकी पत्नी और मां का प्यार और सम्मान उसे बहुत खुशी देते हैं। वह अपनी पत्नी के द्वारा किए गए उसकी सेवा के छोटे-छोटे कार्यों को देखकर भी भावुक हो जाता है। कहानी में परिवार के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी, और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाया गया है, जो कई सालों बाद फिर से एक साथ होने पर प्रकट होता है। बहुरुपिए by Bhagwati Prasad Dwivedi in Hindi Short Stories 4.8k 2.1k Downloads 7.6k Views Writen by Bhagwati Prasad Dwivedi Category Short Stories Read Full Story Download on Mobile Description बहुरूपिये दोनों कुलियों ने माथे पर लदे माल—असबाब उतारे और गमछे से अपने—अपने चेहरे का पसीना पोंछने लगे, ‘‘बड़ा जानलेवा उमस है, बाबू साहिब !'' बाबूजी मुझे देखते ही हड़बड़ा कर उठे और खरगोश की रफ्रतार से मेरी ओर लगभग कुलाँचते हुए लपके । जब उनके चरण—स्पर्श करने की खातिर श्र(ानत होकर उनकी तरपफ झुका, तो उन्होंने मुझे गले लगा लिया । भावातिरेक में उनकी आँखें छलछला आयीं । मेरी नजरें उनके चेहरे को पढ़ने की भरसक कोशिश करने लगीं । वाकई कितनी बूढ़ी हो गयी थीं उनकी पनीली आँखें ! पहले मैं कभी भूलकर भी बाबूजी के चेहरे की तरपफ More Likes This मुक्त - भाग 14 by Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 by Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 by unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 by Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 by Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 by Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया by Devendra Kumar More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories