सिर्फ़ तेरे लिए ...गज़लों में हूँ मैं

by Pranjali Awasthi in Hindi Poems

कुछ अल्फ़ाज दिल से निकल कर पन्नों पर बिखर गए और जब समेटने चली तो गज़ल बन गए और अक़्स कुछ तुझ सा ले लिया ☺