Kuchh ankahi by Shreyas Apoorv Narain in Hindi Poems PDF

कुछ अनकही

by Shreyas Apoorv Narain in Hindi Poems

हर दिल में एक हिस्सा होता है अनकहा!अनछुआ! बस उसी हिस्से को ले आया हूँ आपके सामने। मैकश की मैकशी में आप भी अपनी तशरीफ़ रखिये और खो जाइये मोहब्बत के जुनूँ भरे एहसास में।