Vabastagi by Shreyas Apoorv Narain in Hindi Poems PDF

वाबस्तगी

by Shreyas Apoorv Narain in Hindi Poems

दर्द और प्रेम दुनिया की दो चीजें हैं जो सीधे सादे इंसान को ग़ालिब बना दें या देवदास।बस उसी दर्द को अपने आस पास पाकर मैंने कुछ लिख दिया और पेशगी में रख दिया।बाकी सितमगर जाने या जाने मेरा ...Read More