Kaise kah du by Shreyas Apoorv Narain in Hindi Poems PDF

कैसे कह दूँ

by Shreyas Apoorv Narain in Hindi Poems

तुम्ही बताओ कैसे कह दूँ!अपने मन की व्यथा या तुम्हारे मन की व्यथा!कहना तो बहुत कुछ है शब्दों की सीमाओं के परे तक,पर उन शब्दों से आगे तक पहुँचने में वक्त है अभी। इसीलिए तो सबसे कहता हूँ,पूछता हूँ ...Read More