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Schoolmates to Soulmates By Guddi

" इश्क की ऐसी दास्तान, जहा मोहोब्बत की शुरुवात नफ़रत और बदले की आग से होती है। किसी के दिल में पनप रही है मोहोब्बत, तो किसी के मन में है नफरत का तूफान। एक जुनून भरी कहानी जो कि...

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प्यार वाली पठरी By vidya,s world

पांच माले कि सुंदर सी इमारत के दूसरी मंजिल पर डॉक्टर ऋतुराज ने अपनी नई क्लिनिक शुरू की थी । उन्हें यहा का इलाका बड़ा पसंद आया था और यहां उनकी क्लिनिक भी जोरो शोरो से चल रही थी । उन...

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WORLD TOUR WITH ME By Arun Singla

हम ये टूर आप के साथ साथ ही चलेंगे और टूर में आनी वाली प्रॉब्लम्स और उनके solutions आप के साथ शेयर करेंगे। यह यात्रा मेरे लिए सिर्फ एक छुट्टी नहीं, बल्कि एक नया अनुभव, एक नई सीख, औ...

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प्रेम डोर By Rajesh Maheshwari

ख्यातिलब्ध लेखक एवं उद्योगपति श्री राजेश माहेश्वरी की यह पुस्तक ‘प्रेम डोर‘ एक लघु उपन्यास है जिसमें दो घनिष्ठ मित्रों की कहानी है जो कि पर्यटन एवं व्यवसायिक यात्रा हेतु अरूणाचल प्...

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आखा तीज का ब्याह By Ankita Bhargava

सपनों को पूरा करने निकली वासंती अपने रिश्तों को ही खो बैठी। जब फिर से अतीत की गलियों ने उसे पुकारा तो वह अनिष्ट की आशंका से घबरा गई। मगर प्रतीक ने आश्वासन दिया कि कोई है वहां उसकी...

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प्यार का खेल By निखिल ठाकुर

5 जनवरी 2020 की बात थी तो निखिल अपने दोस्त टाले को उसके नम्बर में मैसेज करता है...क्योंकि निखिल ने उसे कुछ पैसे दिये थे और अब उसे कुछ पैसों की जरूरत थी तो इसलिए वह अपने दोस्त टाले...

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दिल से दिल तक एक तरफ़ा सफ़र By R B Chavda

यह प्यार क्या है ? और कैसे होता है ? क्या कोई इतना पसंद आ सकता है जिसमे हम हमारी पूरी दुनिया देखते है ! मैंने सुना है एक फिल्म में की प्यार दोस्ती है मतलब वह हमारा दोस्त होना चाहिए...

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रक्तरेखा By Pappu Maurya

पत्तों की सरसराहट थम चुकी थी।

आसमान फट पड़ा था — और मानो देवताओं के क्रोध से बरस रहा था पानी।

हर पेड़, हर झाड़ी, हर तिनका काँप रहा था। हवा में मिट्टी, कीचड़ और काई की गंध घुल...

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प्रेम का पूर्वाभास By Rakesh Rakesh

छ वर्ष का आदित्य अपनी मां से कहता है "अभी मम्मी घर से बाहर नहीं जाना आंगन में एक पागल कुत्ता घूम रहा है, वह आपको काट खाएगा।"

और जब पागल कुत्ता आदित्य की मां को काट लेता...

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महावीर लचित बड़फूकन By Mohan Dhama

अपने महापुरुषों का स्मरण भारत में एक श्रेष्ठ परम्परा रही है। कथा-कहानियों से लगाकर पुस्तकों तक उनके कर्तृत्व और आदर्श जीवन का सजीव चित्रण किया गया है। यदा-कदा पर्वों के माध्यम से भ...

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अधूरे संवाद ( अतुकांत ) By Alok Mishra

कुछ रचनाऐं भाव के प्रवाह मेंं .... सोचने को मजबूर करेंगी । संवाद तब पूर्ण होगा जब पाठक पढ़ेगा और चिंतन करेगा।

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शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी By vandana A dubey

दूर, झुरमुट के बीच में जो खण्डहर दिखाई दे रहा है न, असल में वो खन्डहर नहीं है. पुरानी हवेली है. लेकिन लोग उसे खण्डहर ही कहते हैं. हवेली यानि बड़ा सा घर. बड़ा सा बंगला. बहुत पुराना बं...

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सुरेश पाण्‍डे सरस डबरा का काव्‍य संग्रह By Ramgopal Bhavuk Gwaaliyar

श्री सुरेश पाण्‍डे सरस की कृति है। इस संग्रह की अधिकतर रचनायें (कवितायें) जिस धरती पर अंकुरित हुई हैं। उसे हम प्रेम की धरती कह सकते हैं यों भी कविता का विशेष कर ‘गीत’ का जन्‍म प्रे...

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History of Kashmir.... By puja

आज से करीब 700 साल पहले। कश्मीर में सहदेव नाम का एक हिंदू राजा था। उसे न तो प्रजा की फिक्र थी और न ही शासन चलाने में दिलचस्पी। सहदेव के नाम पर उसके प्रधानमंत्री और सेनापति रामचंद्र...

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रूस के पत्र By Rabindranath Tagore

सोवियत शासन के प्रथम परिचय ने मेरे मन को खास तौर से आकर्षित किया है, यह मैं पहले ही कह चुका हूँ। इसके कई विशेष कारण हैं और वे आलोचना के योग्य हैं।
रूस की जिस तसवीर ने मेरे हृदय मे...

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अपने साथ मेरा सफ़र By Prabodh Kumar Govil

मुझे अपने आरंभिक दिनों से ही ऐसा लगता था कि समाज के कुछ लोग मेरे मन पर बहुत असर डालते हैं। मैं ये कभी समझ नहीं पाता था कि किसी - किसी व्यक्ति से मैं इतना क्यों प्रभावित हो रहा हूं?...

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A Secret Letter By Hardik Chande

DISCLAIMERप्रस्तुत कथा संपूर्ण: काल्पनिक है। इसका किसी भी घटना, व्यक्ति, स्थान, समय, जाति, लिंग, धर्म से कोई संबंध नहीं है। ये कथा का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुँचाना नह...

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बोलता आईना By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

(काव्य संकलन) समर्पण - जिन्होंने अपने जीवन को, समय के आईने के समक्ष, खड़ाकर,उससे कुछ सीखने - समझने की कोशिश की, उन्हीं के कर कमलों में-सादर। वेदराम प्रजापति मनमस्त मो.9981284867...

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Reborn to be Loved By Mini

Let's begin…

आरवी ने अपनी पूरी ज़िंदगी अपने सपनों को पूरा करने में गुज़ार दी थी। सात साल की करी मेहनत के बाद, वो आखिरकार एक सक्सेसफुल डॉक्टर बन गई थी। उसकी लाईफ एकदम सही चल...

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मुझे तुम याद आएं... By Saroj Verma

अरी,भाग्यवान! सत्या कहाँ है?नाश्ते का समय हो गया है और साहबजादे अभी तक फरार हैं,सेठ जानकी दास जी बोले.....
अरे,सुबह-सुबह निकल गया था,पता नहीं क्यों नहीं लौटा अब तक?,कल्याणी ने टेब...

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बदलाव ज़रूरी है By Pallavi Saxena

एक स्त्री अपने सुहाग का जोड़ा पहने अपने बंद कमरे में मध्यम सी रौशनी में खुद को आईने में देख कर आँसू बाह रही है. बार-बार उसका हाथ सिंदूर और मंगल सूत्र की और बढ़ता है लेकिन उसमें इतनी...

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सरल नहीं था यह काम By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

1 तनी बंदूकों के साए



तनी बंदूकों के साए हों, भय के अंधियारे छाए हों

घड़ी-घड़ी आशंक...

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सुरजू छोरा By Kusum Bhatt

..... तो एक ठहरी जिद के तहत सुरजू ने निर्णय लिया और गांव में मुनादी पिटा दी....
भूकंप आ गया गांव में.....! गोया सुरजू ने पृथ्वी तल पर घुस कर धीरे से खिसका दी हो प्लेट...., गांव के...

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पवित्र रिश्ता... By निशा शर्मा

नोएडा की एक पचास मंजिला सोसायटी, जहाँ हर तरफ़ बस इमारतें ही इमारतें, एक-दूसरे का मुँह ताकती हुई इमारतें ! नीचे बने हुए चिल्ड्रन्स पार्क में खेलते हुए बच्चे और इसी पार्क के ठीक सामने...

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बद्री विशाल सबके हैं By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

पंडित विभूति नारायण सर्दियों में क्षेत्र के यजमानों के पास आए थे।

उन्‍हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी सांस चलने लगी थी वे ठीक से सो नहीं पाए थे । उनके यजमान पटेल साहब, उन्‍हें...

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चलो दूर कहीं..! By Arun Gupta

मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य पर्वत माला के दक्षिण में अवस्थित है। यह स्थान बलुआ पत्थर के चट्ट...

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मज़बूर By Shrikar Dixit

ये कहानी एक ऐसे मजदूर की है,जो अपने परिवार के साथ घर से बहुत दूर काम की तलाश में जाता है,अचानक से लॉकडाउन होने की वजह से कमाई और आवागमन के सारे रास्ते बंद हो जाने के कारण कुछ दिनों...

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मंजिल अपनी अपनी By Awantika Palewale

मोहन खासते-खासते बोला दरवाजा खोलो सूरज बेटा।
चंदा एकदम बौखला गई उसको लगा इस वक्त कौन आया होगा।

मोहन बोला मैं चाचा मोहन आया हूं।
चंदा झलाए हुए स्वर में कहा अच्छा-अच्छा रुको कपड...

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भारत By नन्दलाल सुथार राही

भारत की विविधताओं एवं यहाँ की संस्कृति पर एक काव्य ग्रंथ जिसमें अलग-अलग कविताओं का संग्रह है। जिसकी शुरुआत "भारत" कविता से कर रहा हूँ । आशा है आप इस रचना को उचित प्रोत्साहन...

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सुहागिन या विधवा By Kishanlal Sharma

"थप। थप-------दरवाजे पर पड़ने वाली दस्तको ने राधा की नींद में विघ्न डाला था।कौन हो सकता है इतनी रात को? यह सोचती हुई वह दरवाजे तक आयी थी।दरवाजा खोलने से पहले उसने पूछा था,"कौन...

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सचमुच तुम ईश्वर हो! By ramgopal bhavuk

व्यंग्य की तेजधर उच्छंखल समाज की शल्य-क्रिया करने में समर्थ होती है। आज के दूषित वातावरण में यहाँ संवेदना मृत प्रायः हो रही है। केवल व्यंग्य पर ही मेरा विश्वास टिक पा रहा है कि कही...

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इस रिश्ते को क्या नाम दूँ ? By Kalpana Sahoo

में जो अब लिखने जा रही हुं वो कोई काल्पनीक Story नहीं है । वो एक बास्तबिक घटणा है । जिसे में जब भी याद करती हुं तो मेरी अन्दर एक अजीब सी सबाल पैदा होती है । पता नहीं क्युं ?...

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ईश्‍वर लीला विज्ञान By ramgopal bhavuk

ईश्‍वर लीला विज्ञान 1 अनन्‍तराम गुप्‍त कवि ईश्‍वर की अनूठी कारीगरी पर मुग्‍ध हैं, और आकाश, अग्नि, पवन, जल एवं पृथ्‍वी के पांच पुराने तत्‍वों का वर्णन आज के वैज्ञानिक सिद्धान्‍तों क...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

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ये हम आ गए कहां!!! By दुःखी आत्मा जलीभूनी

पूरे आठ साल बाद लौटा था वह, वापस अपने शहर, अपने देश में! फिर से उन्हीं हवाओं उन्हीं गलियों में जहां वापस ना आने की कसम खाई थी उसने। लेकिन जिंदगी हमारे हिसाब से कहां चलती है! मजबूरी...

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विचित्र मोहब्बत अरुंधति कि...! By Yashoda Yashoda

रात में चांद अपने पूरे आकार में चमक रहा था, और आज की ये रात अमावस की काली अंधेरी रात थी! मिर्ज़ा पुर रेलवे फाटक के उस पार एक स्टेशन है, और उस स्टेशन से कुछ एक दो घंटे की दूरी पे कब...

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सेवा और सहिष्णुता के उपासक संत तुकाराम By Charu Mittal

संसार में सभी मनुष्यों का लक्ष्य, धन, संतान और यश बताया गया है। इन्हीं को विद्वानों ने वित्तैषणा, पुत्रेषणा और लोकैषणा के नाम से पुकारा है। इन तीनों से विरक्त व्यक्ति ढूँढ़ने से भी...

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बुजुर्गो का आशिष By Ashish

बुजुर्गो ने मुझे बहुत सी कहानियाँ सुनाई है उसमें से कुछ....

आशिष / आशीर्वाद

*!! समस्या रूपी बंदर !!

*एक बार स्वामी विवेकानंद को बंदरों का सामना करना पड़ा था। वह इस आप बी...

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लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा By Jitendra Shivhare

लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा जितेन्द्र शिवहरे (1) धरम की गिनती असामाजिक तत्वों में होने लगी थी। परिवार वाले उसकी मारपीट और गुंडागर्दी से तंग आ आ गये। पुरे मोहल्ले में बेड ब्वॉय क...

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मेरी नजर से देखो By Rajat Singhal

मै एक नवीन लेखक अपनी इन लघु कहानियों से एक समाज की भिन्न - २ समस्याओ से ग्रस्त छवि को दिखाने का प्रयत्न करूँगा। मै हर समस्या के मध्य रह व मुझसे जूडे अनुभवो की भ्रांतियो को अपने लेख...

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Devil की दास्तान By Sonam Brijwasi

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है।
धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है।
करण धीरे-धीरे एक...

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तेरे बिना अधूरी सी ज़िंदगी By Prashant Singh

बारिश की हल्की फुहारें जब दिल्ली की सड़कों को भिगो रही थीं, तब वह पहली बार उसे देखा था—कॉफ़ी शॉप की खिड़की से झाँकती हुई, किताबों में खोई हुई।

आरव, एक 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनि...

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चुनिंदा लघुकथाएँ By Lajpat Rai Garg

माँ, माँ होती है आज राकेश जल्दी तैयार होकर वृद्धाश्रम पहुँचा। आज उसकी माँ का 80वाँ जन्मदिन है। उसने माँ के चरर्णस्पर्श किये, उनका मुँह मीठा करवाया। आशीर्वाद लिया। पूछा - ‘माँ, कोई...

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दीवानगी By Sona

वो हस्पताल के वेटिंग रूम में कुर्सी पर पीछे सिर टिका कर आंखें बंद कर के बैठी थी।
उसकी आंखों के कोर से आंसू निकल रहे थे। और उसके कंधों को भीगों रहे थे।
उसकी आंखों के आगे एक हफ्ते...

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एलओसी- लव अपोज क्राइम By jignasha patel

नशे से बोझिल नंदिनी की आंखों में थोड़ी चैतन्यता नज़र आने लगी। फाइव स्टार होटल के बार में बैठी नंदिनी के कानों में गीत संगीत की स्वर लहरियां धीरे धीरे गूंजने लगी-तेरे वादे क...

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इंडियन कपल By PARIKH MAULIK

ये कहानी एक इंसान सूरज से शुरू होती है वह अमेरीका मे स्थित शहर में रहता है वहा एक बेकरी की शॉप चाला रहा है और अकेला ही एक बड़े से घर में रहता है। मगर खुश नहीं है पता नहीं किसीके इं...

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सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल By Babul haq ansari

कभी-कभी ज़िंदगी वो सवाल पूछ लेती है... जिनका जवाब सिर्फ ख़ामोशी के पास होता है।
और मोहब्बत... वो अक्सर वहीं से शुरू होती है, जहाँ लोग टूट कर बिखर जाते हैं।

सहर की हल्की सी रौ...

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सुसाइड पार्टनर्स By Nirali patel

हा भई हा.......

सही पढ़ा आपने सुसाइड पार्टनर।

आप सोच रहे होंगे की यार लाइफ पार्टनर होता है, डांस पार्टनर भी होता है, और तो और अगर कोई दो व्यक्ति साथ में एक ही बिजनेस कर रहे ह...

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बेगुनाह गुनेहगार By Monika Verma

सुहानी। एक प्यारी सी लड़की। जो अपने ख्यालो से इस दुनिया को देखती है, समझती है। जिसे संभव असंभव, मुमकिन नामुमकिन, मुश्किल आसान का फर्क समझ नही आता। जो करना चाहती है वो कर के ही रहती...

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Schoolmates to Soulmates By Guddi

" इश्क की ऐसी दास्तान, जहा मोहोब्बत की शुरुवात नफ़रत और बदले की आग से होती है। किसी के दिल में पनप रही है मोहोब्बत, तो किसी के मन में है नफरत का तूफान। एक जुनून भरी कहानी जो कि...

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प्यार वाली पठरी By vidya,s world

पांच माले कि सुंदर सी इमारत के दूसरी मंजिल पर डॉक्टर ऋतुराज ने अपनी नई क्लिनिक शुरू की थी । उन्हें यहा का इलाका बड़ा पसंद आया था और यहां उनकी क्लिनिक भी जोरो शोरो से चल रही थी । उन...

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WORLD TOUR WITH ME By Arun Singla

हम ये टूर आप के साथ साथ ही चलेंगे और टूर में आनी वाली प्रॉब्लम्स और उनके solutions आप के साथ शेयर करेंगे। यह यात्रा मेरे लिए सिर्फ एक छुट्टी नहीं, बल्कि एक नया अनुभव, एक नई सीख, औ...

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प्रेम डोर By Rajesh Maheshwari

ख्यातिलब्ध लेखक एवं उद्योगपति श्री राजेश माहेश्वरी की यह पुस्तक ‘प्रेम डोर‘ एक लघु उपन्यास है जिसमें दो घनिष्ठ मित्रों की कहानी है जो कि पर्यटन एवं व्यवसायिक यात्रा हेतु अरूणाचल प्...

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आखा तीज का ब्याह By Ankita Bhargava

सपनों को पूरा करने निकली वासंती अपने रिश्तों को ही खो बैठी। जब फिर से अतीत की गलियों ने उसे पुकारा तो वह अनिष्ट की आशंका से घबरा गई। मगर प्रतीक ने आश्वासन दिया कि कोई है वहां उसकी...

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प्यार का खेल By निखिल ठाकुर

5 जनवरी 2020 की बात थी तो निखिल अपने दोस्त टाले को उसके नम्बर में मैसेज करता है...क्योंकि निखिल ने उसे कुछ पैसे दिये थे और अब उसे कुछ पैसों की जरूरत थी तो इसलिए वह अपने दोस्त टाले...

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दिल से दिल तक एक तरफ़ा सफ़र By R B Chavda

यह प्यार क्या है ? और कैसे होता है ? क्या कोई इतना पसंद आ सकता है जिसमे हम हमारी पूरी दुनिया देखते है ! मैंने सुना है एक फिल्म में की प्यार दोस्ती है मतलब वह हमारा दोस्त होना चाहिए...

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रक्तरेखा By Pappu Maurya

पत्तों की सरसराहट थम चुकी थी।

आसमान फट पड़ा था — और मानो देवताओं के क्रोध से बरस रहा था पानी।

हर पेड़, हर झाड़ी, हर तिनका काँप रहा था। हवा में मिट्टी, कीचड़ और काई की गंध घुल...

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प्रेम का पूर्वाभास By Rakesh Rakesh

छ वर्ष का आदित्य अपनी मां से कहता है "अभी मम्मी घर से बाहर नहीं जाना आंगन में एक पागल कुत्ता घूम रहा है, वह आपको काट खाएगा।"

और जब पागल कुत्ता आदित्य की मां को काट लेता...

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महावीर लचित बड़फूकन By Mohan Dhama

अपने महापुरुषों का स्मरण भारत में एक श्रेष्ठ परम्परा रही है। कथा-कहानियों से लगाकर पुस्तकों तक उनके कर्तृत्व और आदर्श जीवन का सजीव चित्रण किया गया है। यदा-कदा पर्वों के माध्यम से भ...

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अधूरे संवाद ( अतुकांत ) By Alok Mishra

कुछ रचनाऐं भाव के प्रवाह मेंं .... सोचने को मजबूर करेंगी । संवाद तब पूर्ण होगा जब पाठक पढ़ेगा और चिंतन करेगा।

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शिव बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी By vandana A dubey

दूर, झुरमुट के बीच में जो खण्डहर दिखाई दे रहा है न, असल में वो खन्डहर नहीं है. पुरानी हवेली है. लेकिन लोग उसे खण्डहर ही कहते हैं. हवेली यानि बड़ा सा घर. बड़ा सा बंगला. बहुत पुराना बं...

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सुरेश पाण्‍डे सरस डबरा का काव्‍य संग्रह By Ramgopal Bhavuk Gwaaliyar

श्री सुरेश पाण्‍डे सरस की कृति है। इस संग्रह की अधिकतर रचनायें (कवितायें) जिस धरती पर अंकुरित हुई हैं। उसे हम प्रेम की धरती कह सकते हैं यों भी कविता का विशेष कर ‘गीत’ का जन्‍म प्रे...

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History of Kashmir.... By puja

आज से करीब 700 साल पहले। कश्मीर में सहदेव नाम का एक हिंदू राजा था। उसे न तो प्रजा की फिक्र थी और न ही शासन चलाने में दिलचस्पी। सहदेव के नाम पर उसके प्रधानमंत्री और सेनापति रामचंद्र...

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रूस के पत्र By Rabindranath Tagore

सोवियत शासन के प्रथम परिचय ने मेरे मन को खास तौर से आकर्षित किया है, यह मैं पहले ही कह चुका हूँ। इसके कई विशेष कारण हैं और वे आलोचना के योग्य हैं।
रूस की जिस तसवीर ने मेरे हृदय मे...

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अपने साथ मेरा सफ़र By Prabodh Kumar Govil

मुझे अपने आरंभिक दिनों से ही ऐसा लगता था कि समाज के कुछ लोग मेरे मन पर बहुत असर डालते हैं। मैं ये कभी समझ नहीं पाता था कि किसी - किसी व्यक्ति से मैं इतना क्यों प्रभावित हो रहा हूं?...

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A Secret Letter By Hardik Chande

DISCLAIMERप्रस्तुत कथा संपूर्ण: काल्पनिक है। इसका किसी भी घटना, व्यक्ति, स्थान, समय, जाति, लिंग, धर्म से कोई संबंध नहीं है। ये कथा का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुँचाना नह...

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बोलता आईना By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

(काव्य संकलन) समर्पण - जिन्होंने अपने जीवन को, समय के आईने के समक्ष, खड़ाकर,उससे कुछ सीखने - समझने की कोशिश की, उन्हीं के कर कमलों में-सादर। वेदराम प्रजापति मनमस्त मो.9981284867...

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आरवी ने अपनी पूरी ज़िंदगी अपने सपनों को पूरा करने में गुज़ार दी थी। सात साल की करी मेहनत के बाद, वो आखिरकार एक सक्सेसफुल डॉक्टर बन गई थी। उसकी लाईफ एकदम सही चल...

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मुझे तुम याद आएं... By Saroj Verma

अरी,भाग्यवान! सत्या कहाँ है?नाश्ते का समय हो गया है और साहबजादे अभी तक फरार हैं,सेठ जानकी दास जी बोले.....
अरे,सुबह-सुबह निकल गया था,पता नहीं क्यों नहीं लौटा अब तक?,कल्याणी ने टेब...

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बदलाव ज़रूरी है By Pallavi Saxena

एक स्त्री अपने सुहाग का जोड़ा पहने अपने बंद कमरे में मध्यम सी रौशनी में खुद को आईने में देख कर आँसू बाह रही है. बार-बार उसका हाथ सिंदूर और मंगल सूत्र की और बढ़ता है लेकिन उसमें इतनी...

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सरल नहीं था यह काम By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

1 तनी बंदूकों के साए



तनी बंदूकों के साए हों, भय के अंधियारे छाए हों

घड़ी-घड़ी आशंक...

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सुरजू छोरा By Kusum Bhatt

..... तो एक ठहरी जिद के तहत सुरजू ने निर्णय लिया और गांव में मुनादी पिटा दी....
भूकंप आ गया गांव में.....! गोया सुरजू ने पृथ्वी तल पर घुस कर धीरे से खिसका दी हो प्लेट...., गांव के...

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पवित्र रिश्ता... By निशा शर्मा

नोएडा की एक पचास मंजिला सोसायटी, जहाँ हर तरफ़ बस इमारतें ही इमारतें, एक-दूसरे का मुँह ताकती हुई इमारतें ! नीचे बने हुए चिल्ड्रन्स पार्क में खेलते हुए बच्चे और इसी पार्क के ठीक सामने...

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बद्री विशाल सबके हैं By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

पंडित विभूति नारायण सर्दियों में क्षेत्र के यजमानों के पास आए थे।

उन्‍हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी सांस चलने लगी थी वे ठीक से सो नहीं पाए थे । उनके यजमान पटेल साहब, उन्‍हें...

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चलो दूर कहीं..! By Arun Gupta

मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य पर्वत माला के दक्षिण में अवस्थित है। यह स्थान बलुआ पत्थर के चट्ट...

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मज़बूर By Shrikar Dixit

ये कहानी एक ऐसे मजदूर की है,जो अपने परिवार के साथ घर से बहुत दूर काम की तलाश में जाता है,अचानक से लॉकडाउन होने की वजह से कमाई और आवागमन के सारे रास्ते बंद हो जाने के कारण कुछ दिनों...

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मंजिल अपनी अपनी By Awantika Palewale

मोहन खासते-खासते बोला दरवाजा खोलो सूरज बेटा।
चंदा एकदम बौखला गई उसको लगा इस वक्त कौन आया होगा।

मोहन बोला मैं चाचा मोहन आया हूं।
चंदा झलाए हुए स्वर में कहा अच्छा-अच्छा रुको कपड...

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भारत By नन्दलाल सुथार राही

भारत की विविधताओं एवं यहाँ की संस्कृति पर एक काव्य ग्रंथ जिसमें अलग-अलग कविताओं का संग्रह है। जिसकी शुरुआत "भारत" कविता से कर रहा हूँ । आशा है आप इस रचना को उचित प्रोत्साहन...

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सुहागिन या विधवा By Kishanlal Sharma

"थप। थप-------दरवाजे पर पड़ने वाली दस्तको ने राधा की नींद में विघ्न डाला था।कौन हो सकता है इतनी रात को? यह सोचती हुई वह दरवाजे तक आयी थी।दरवाजा खोलने से पहले उसने पूछा था,"कौन...

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सचमुच तुम ईश्वर हो! By ramgopal bhavuk

व्यंग्य की तेजधर उच्छंखल समाज की शल्य-क्रिया करने में समर्थ होती है। आज के दूषित वातावरण में यहाँ संवेदना मृत प्रायः हो रही है। केवल व्यंग्य पर ही मेरा विश्वास टिक पा रहा है कि कही...

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इस रिश्ते को क्या नाम दूँ ? By Kalpana Sahoo

में जो अब लिखने जा रही हुं वो कोई काल्पनीक Story नहीं है । वो एक बास्तबिक घटणा है । जिसे में जब भी याद करती हुं तो मेरी अन्दर एक अजीब सी सबाल पैदा होती है । पता नहीं क्युं ?...

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ईश्‍वर लीला विज्ञान By ramgopal bhavuk

ईश्‍वर लीला विज्ञान 1 अनन्‍तराम गुप्‍त कवि ईश्‍वर की अनूठी कारीगरी पर मुग्‍ध हैं, और आकाश, अग्नि, पवन, जल एवं पृथ्‍वी के पांच पुराने तत्‍वों का वर्णन आज के वैज्ञानिक सिद्धान्‍तों क...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

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ये हम आ गए कहां!!! By दुःखी आत्मा जलीभूनी

पूरे आठ साल बाद लौटा था वह, वापस अपने शहर, अपने देश में! फिर से उन्हीं हवाओं उन्हीं गलियों में जहां वापस ना आने की कसम खाई थी उसने। लेकिन जिंदगी हमारे हिसाब से कहां चलती है! मजबूरी...

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विचित्र मोहब्बत अरुंधति कि...! By Yashoda Yashoda

रात में चांद अपने पूरे आकार में चमक रहा था, और आज की ये रात अमावस की काली अंधेरी रात थी! मिर्ज़ा पुर रेलवे फाटक के उस पार एक स्टेशन है, और उस स्टेशन से कुछ एक दो घंटे की दूरी पे कब...

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सेवा और सहिष्णुता के उपासक संत तुकाराम By Charu Mittal

संसार में सभी मनुष्यों का लक्ष्य, धन, संतान और यश बताया गया है। इन्हीं को विद्वानों ने वित्तैषणा, पुत्रेषणा और लोकैषणा के नाम से पुकारा है। इन तीनों से विरक्त व्यक्ति ढूँढ़ने से भी...

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बुजुर्गो का आशिष By Ashish

बुजुर्गो ने मुझे बहुत सी कहानियाँ सुनाई है उसमें से कुछ....

आशिष / आशीर्वाद

*!! समस्या रूपी बंदर !!

*एक बार स्वामी विवेकानंद को बंदरों का सामना करना पड़ा था। वह इस आप बी...

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लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा By Jitendra Shivhare

लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा जितेन्द्र शिवहरे (1) धरम की गिनती असामाजिक तत्वों में होने लगी थी। परिवार वाले उसकी मारपीट और गुंडागर्दी से तंग आ आ गये। पुरे मोहल्ले में बेड ब्वॉय क...

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मेरी नजर से देखो By Rajat Singhal

मै एक नवीन लेखक अपनी इन लघु कहानियों से एक समाज की भिन्न - २ समस्याओ से ग्रस्त छवि को दिखाने का प्रयत्न करूँगा। मै हर समस्या के मध्य रह व मुझसे जूडे अनुभवो की भ्रांतियो को अपने लेख...

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Devil की दास्तान By Sonam Brijwasi

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है।
धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है।
करण धीरे-धीरे एक...

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तेरे बिना अधूरी सी ज़िंदगी By Prashant Singh

बारिश की हल्की फुहारें जब दिल्ली की सड़कों को भिगो रही थीं, तब वह पहली बार उसे देखा था—कॉफ़ी शॉप की खिड़की से झाँकती हुई, किताबों में खोई हुई।

आरव, एक 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनि...

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चुनिंदा लघुकथाएँ By Lajpat Rai Garg

माँ, माँ होती है आज राकेश जल्दी तैयार होकर वृद्धाश्रम पहुँचा। आज उसकी माँ का 80वाँ जन्मदिन है। उसने माँ के चरर्णस्पर्श किये, उनका मुँह मीठा करवाया। आशीर्वाद लिया। पूछा - ‘माँ, कोई...

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दीवानगी By Sona

वो हस्पताल के वेटिंग रूम में कुर्सी पर पीछे सिर टिका कर आंखें बंद कर के बैठी थी।
उसकी आंखों के कोर से आंसू निकल रहे थे। और उसके कंधों को भीगों रहे थे।
उसकी आंखों के आगे एक हफ्ते...

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एलओसी- लव अपोज क्राइम By jignasha patel

नशे से बोझिल नंदिनी की आंखों में थोड़ी चैतन्यता नज़र आने लगी। फाइव स्टार होटल के बार में बैठी नंदिनी के कानों में गीत संगीत की स्वर लहरियां धीरे धीरे गूंजने लगी-तेरे वादे क...

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इंडियन कपल By PARIKH MAULIK

ये कहानी एक इंसान सूरज से शुरू होती है वह अमेरीका मे स्थित शहर में रहता है वहा एक बेकरी की शॉप चाला रहा है और अकेला ही एक बड़े से घर में रहता है। मगर खुश नहीं है पता नहीं किसीके इं...

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सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल By Babul haq ansari

कभी-कभी ज़िंदगी वो सवाल पूछ लेती है... जिनका जवाब सिर्फ ख़ामोशी के पास होता है।
और मोहब्बत... वो अक्सर वहीं से शुरू होती है, जहाँ लोग टूट कर बिखर जाते हैं।

सहर की हल्की सी रौ...

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सुसाइड पार्टनर्स By Nirali patel

हा भई हा.......

सही पढ़ा आपने सुसाइड पार्टनर।

आप सोच रहे होंगे की यार लाइफ पार्टनर होता है, डांस पार्टनर भी होता है, और तो और अगर कोई दो व्यक्ति साथ में एक ही बिजनेस कर रहे ह...

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बेगुनाह गुनेहगार By Monika Verma

सुहानी। एक प्यारी सी लड़की। जो अपने ख्यालो से इस दुनिया को देखती है, समझती है। जिसे संभव असंभव, मुमकिन नामुमकिन, मुश्किल आसान का फर्क समझ नही आता। जो करना चाहती है वो कर के ही रहती...

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