Best Hindi stories read and Download

भाभी
by Roopanjali singh parmar Verified icon
  • (27)
  • 19.1k

आप मेरी शादी कराना चाहती हैं ना, ठीक है तो सुनो.. मैं भाभी से शादी करना चाहता हूँ.. चटाक.. (थप्पड़ की आवाज़ से कमरा गूंज गया) क्या बक रहा ...

दो कॉलगर्ल की कहानी
by Ranjeev Jha
  • (44)
  • 6.8k

---------------------------------- शहर की दो टॉप - क्लास कॉलगर्ल में , टॉप - क्लास की दोस्ती थी ।  एक दिन जब दोनो साथ बैठकर पी रही थी और उनपर सुरूर छाने लगा ...

लिव इन रिलेशनशिप्स की चाहत
by r k lal Verified icon
  • (25)
  • 13.9k

“ लिव इन रिलेशनशिप्स की चाहत “ आर 0 के0 लाल   संजय ने अपने दोस्त पवन से कैंटीन में समोसा खाते हुए कहा-  "यार तुम बुरा न मानो ...

दी एडवेंचर्स ऑफ़ शेरलोक होम्स
by Sir Arthur Conan Doyle Verified icon
  • (67)
  • 8.8k

शेरलॉक होम्स के लिए वह हमेशा 'वो औरत' ही थी मैंने होम्स को किसी और नाम से उसका ज़िक्र करते शायद ही सुना हो उसकी आँखों ...

पार्थ आपका बेटा है
by Roopanjali singh parmar Verified icon
  • (13)
  • 10.9k

नैना अपनी माँ अरुणा जी की लाड़ली बेटी थी। उसकी माँ ने अकेले ही उसको पाला था। नैना के पिता की मृत्यु नैना के बचपन में ही हो गई ...

शादी की सालगिरह
by Junaid Chaudhary Verified icon
  • 979

शादी की पहली सालगिरह मुबारक हो,रात के बारह बजे में ने उसे जगा कर मुस्कुराते हुए मुबारक बाद दी,उसने पहले नींद में मुझे देखा फिर मुस्कुराते हुए मुबारक बाद ...

Chandragupt
by Jayshankar Prasad
  • (38)
  • 8.7k

चन्द्रगुप्त (सन् 1931 में रचित) हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार जयशंकर प्रसाद का प्रमुख नाटक है। इसमें विदेशियों से भारत का संघर्ष और उस संघर्ष में भारत की विजय की ...

पापा मर चुके हैं
by Jaishree Roy
  • 7.9k

आज एकबार फिर अरनव को बिस्तर पर उसकी इच्छाओं के चरम क्षण में अचानक छोडकर मै उठ आयी थी। अब बाथरूम के एकांत में पीली रोशनी के वृत के ...

भूतिया रेस्टोरेंट
by सोनू समाधिया रसिक Verified icon
  • (67)
  • 7.9k

रोहित और सौरभ दोनों दोस्त जॉब की तलाश में भटक रहे थे। इसी के चलते दोनों कई एक्जाम दे चुके थे।दिसंबर के महीने में दोनों एक एक्जाम देकर बापस ...

काला जादू - सच्ची घटना
by Atal Painuly
  • (57)
  • 8.3k

यह घटना वास्तविक है जो 2014 की  है, जब मेरे विद्यालय के एक अध्यापक हो  निरीकक्षण  कार्य के लिए जौनसार बाबर में जाना पड़ा । जैसा कि अधिकतर विद्यालयों ...

संयोग से हुआ रिश्ता
by एमके कागदाना
  • 7.6k

् मैं वो दिन कैसे भूल सकती थी । जिस दिन ने मेरी रातों की नींद उड़ा दी थी। वह दिन फिर से मेरी आंखों के सामने तैर गया। जब ...

सीमित प्रेम
by Ramanuj Dariya
  • 7.5k

एक लड़का है जिसे लोग आशु के नाम से जानते हैं ,नाम से कम उसके काम से लोग ज्यादा जानते है।एक नाम आशी जिसकी अदाओं से लोग जानते है ...

कहो नहि करो
by Snehal malaviya Verified icon
  • (15)
  • 7.7k

“रवि, देखो तुम्हारे लाडले ने क्या किया है” वो छोटा सा बच्चा अपनी माँ के पीछे छुप रहा था और एक आँख से अपने पापा को देख रहा था।“मेरे ...

मां का अंतिम समय 
by Ashish Dalal
  • (12)
  • 6.6k

‘बस। अब और नहीं होता मुझसे। परेशान हो गई हूं मैं।’ उसके अंतिम कौर मुंह में डालते ही जूठी थाली उसके सामने से उठाते हुए बड़बड़ाती वह बोली। बादल ...

Steve Jobs
by Kamini Gupta
  • (139)
  • 13.3k

Inspiration we get from Steve Jobs life

टिफिन
by Satender_tiwari_brokenwords
  • (16)
  • 6.8k

इस कहानी एक काल्पनिक रचना है। इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है।। **********************************************रोहन की टिफ़िन में दाल चावल होता था जिसे वो बिरयानी बोलता था। और अमन के ...

वह रात किधर निकल गई
by Geeta Shri
  • 7.2k

वह रात नसीबोवाली नहीं थी. देर रात फोन पर झगड़ने के बाद बिंदू किसी काम के लायक नहीं बची थी। आयशा और वैभव दोनों दूर से सब देख समझ रहे थे, ...

चरित्रहीन
by Hanif Madaar
  • (167)
  • 32.4k

औरत के इंसान होने के हक़ की बात करना भी उसके चरित्रहीन होने का प्रमाण घोषित हो जाता हो उस समाज में औरत की अस्मिता से जुड़े सवाल शायद ...

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं)
by MB (Official) Verified icon
  • (42)
  • 13.3k

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं) 1. एक अपवित्र रात 2. प्रेमिका को सलाह 3. स्वागत-रोमन शैली 4. आत्मस्वीकृति 5. तीन दिलचस्प किस्से 6. नंगा लड़का 7. मुकाबला

जो रोम रोम में है, उसे कैसे भूल जाऊं
by Roopanjali singh parmar Verified icon
  • (18)
  • 878

समय और नैना एक दूसरे को कॉलेज के दिनों से जानते थे। समय उसका सीनियर था और उससे 2 साल बड़ा भी था..नैना और समय में जैसे-जैसे पहचान हुई ...

बाँझ
by Mirza Hafiz Baig Verified icon
  • 6.5k

बांझ1.शाम. . .खिड़की से बाहर देखते हुए, अपनी आत्मा के दर्द को महसूस करना जैसे उसके जीवन का ढर्रा बन गया था। शाम, रात में बदलने लगी थी। उसने ...

अनजान मुहाफ़िज
by Pushp Saini
  • 768

कहानी (अनजान मुहाफ़िज)-----------------------------------सम्पदा जैसे हीआॅफिस  बाहर निकली धीमी हवा ने प्रचण्ड आँधी-तूफान का रुप ले लिया ।वह सड़क किनारे खड़ी होकर टैक्सी की राह देखने लगी ।तेज हवा से ...

सास भी कभी बहू थी
by Dr. Vandana Gupta Verified icon
  • (14)
  • 5.9k

       आज सरू जितनी खुश है उतनी ही उदास भी... जितनी उत्साहित है उतनी ही हताश भी... जितनी अतीत में गोते लगा रही है उतनी ही भविष्य ...

मायका और ससुराल
by Roopanjali singh parmar Verified icon
  • (23)
  • 1.7k

रीना की शादी को चार साल हो गए थे, उसका एक बेटा भी था अभय, जो एक साल का था। पति हर्ष और सास करुणा उसे बहुत प्यार करते ...

मीत न मिला रे मन का
by Dr. Vandana Gupta Verified icon
  • 646

          "सुन जल्दी से आजा, कोई खास मेहमान आए हैं.." तृषा का फोन आया और मैं दस मिनट में गाड़ी में थी. मुझे तैयार होने ...

साली पर नजर
by r k lal Verified icon
  • (54)
  • 1.9k

“साली पर नजर” आर0 के0 लाल           घर में शादी का माहौल था सौम्या की दीदी की शादी थी इसलिए उसकी कई सहेलियां आई थी। रात में गाना बजाना ...

मेरीड दोस्त 
by Niyati Kapadia Verified icon
  • (38)
  • 5.6k

एक फ्लेट के कमरे में सोफा पर पड़ा एक लड़का सो रहा है। उसके पाँव जमीन पर लटके हुए है वहाँ नीचे एक और लड़का सो रहा है। कमरे ...

अनमोल बन्धन
by Kalpana Bhatt
  • 4.5k

बेला और अनमोल एक ही कॉलेज पढ़ते थे । दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे । रोज़ का मिलना जुलना , लाइब्रेरी में एक साथ पढ़ना ,साथ लंच लेना , ...

वो डरावनी रात
by Uma Vaishnav Verified icon
  • (30)
  • 5.4k

दीपावली की छुट्टियां होते ही माला हर साल की तरह इस साल भी मायके जाने की तैयारी कर रही थी। करीब सारी तैयारी हो गई थी। वो आखिरी बैग ...

अजीब औरत
by Jayanti Ranganathan Verified icon
  • 5.1k

बिल्डिंग के सामने उर्षिला ने अपनी लंबी गाड़ी पार्क की ही थी कि सीढिय़ों के पीछे खंभे से सटकर खड़ी वह दिख गई। उर्षिला उसकी निगाहों से नहीं बच ...

काम वाली की कमाई
by r k lal Verified icon
  • (32)
  • 5k

काम वाली की कमाईआर 0 के 0 लालअजी सुनती हो, अपने पड़ोस के फ्लैट में शर्मा जी आ गए हैं। वह फ्लैट उन्हीं का है, बहुत पहले खरीदा था। ...

खोया हुआ प्यार
by r k lal Verified icon
  • (24)
  • 4.9k

खोया हुआ प्यारआर 0 के 0 लालआज सुहानी के पति विराट पांच बजे ही अपनी कंपनी काम पर चले गए। सात बजे उनका बेटा भी स्कूल चला गया। तभी ...

दूसरी का चक्कर
by r k lal Verified icon
  • (42)
  • 5.5k

“दूसरी का चक्कर” आर 0 के 0 लाल           उनके घर के सामने बड़ी भीड़ लगी  हुई थी। सभी लोग इंतजार कर रहे थे कि चंदन की बॉडी ...

वसीयत
by Namita Gupta
  • (31)
  • 740

        रेखा घर के कामों में व्यस्त थी । तभी बाहर बड़ी तेजी से कोलाहल उठा । लगता आज फिर किसी के यहां कुछ झगड़ा हो ...

क्या यही प्यार है
by Saroj Prajapati
  • (16)
  • 5.2k

सुबह  सुबह बुआ जी का फोन आ गया। मैंने नमस्कार कर पूछा "बुआ जी आज कैसे आपको अपनी भतीजी की याद आ गई। " "अरे याद तो रोज ही आती ...

जीवनसाथी
by Dr. Vandana Gupta Verified icon
  • (13)
  • 5k

       "सुनो! मैं तुम्हारा अपराधी हूँ। मैं जानता हूँ कि मैंने तुम्हारे साथ अन्याय किया है। जीवन के तीस बसंत तुमने मेरे इंतज़ार में गुजार दिए, उनको ...

भूख...
by Sarvesh Saxena Verified icon
  • (17)
  • 5.8k

आज मंगलवार है | मैं और श्याम चौराहे के पास वाले हनुमान मंदिर में प्रसाद चढ़ा के सीधा श्याम की बुआ जी को लेने बस अड्डे पहुंच गए, बस ...

समझोते
by Upasna Siag Verified icon
  • 5.4k

माँ ! आज आप सुरभि आंटी के पास जरूर जा कर आना ! मानसी ने मुझसे कहा। अब सुरभि क्या करेगी ? पढाई तुमने करनी है। जिसमें रूचि हो ...

अफेयर्स का कन्फेशन
by r k lal Verified icon
  • (22)
  • 552

“अफेयर्स का कन्फेशन” आर 0 के 0 लाल      शादी के बाद प्रथम मिलन की रात में पूर्णिमा चारपाई पर बैठी घूंघट के भीतर से अपने हसबैंड अनुज ...

बिटिया! बदल गई तुम
by VIRENDER VEER MEHTA
  • 5k

बिटिया! बदल गई तुम मेरी प्यारी बिटिया, ढेरों प्रेम भरा स्नेह और आशीर्वाद। जानता हूँ अपने मेल बॉक्स में मेरी मेल देखकर तुम हैरान अवश्य हो रही होगी, क्योंकि ...

एक औरत
by Pritpal Kaur Verified icon
  • (12)
  • 4.8k

कमरे में बंद दरवाज़ों के भीतरी पल्लों पर जड़े शीशों से छन कर आती रोशनी बाहर धकलते बादामी रंग के परदे, नीम अँधेरे में सुगबुगाती सी लगती आराम कुर्सी, ...

निर्मला - सम्पूर्ण उपन्यास
by Munshi Premchand Verified icon
  • 4.7k

निर्मला, मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यास है। इसका प्रकाशन सन १९२७ में हुआ था। सन १९२६ में दहेज प्रथा और अनमेल विवाह को आधार बना कर इस ...

जाल हसीना की
by Vaghela Niya
  • (65)
  • 1.2k

जाल हसीना की - horror story मैं शुरू से शर्मीला था, लड़कियों से बात करने में हिचकिचाहट सी होती थी, या यूँ कह लीजिये की लड़कियों से बात ही ...

ज्यादा जोगी मठ उजाड़
by Bhupendra Dongriyal
  • (20)
  • 4.3k

          "ज्यादा जोगी मठ उजाड़"                             (1)      एक राजा था । एक दिन उसे यह ज्ञात ...

बस अब और नहीं
by ज्योत्सना कपिल
  • 3.9k

बस अब और नही कावेरी बड़ी तल्लीनता से बोलती जा रही थी, और मीटिंग में शामिल सभी सदस्य प्रशंसा के भाव लिए उसे देख रहे थे। उसके खामोश होते ...

लालिमा
by Sarvesh Saxena Verified icon
  • (11)
  • 552

"अपने आप को कभी शीशे में देखा है? कैसी दिखती हो? तुम्हें चाहना तो दूर तुम्हें तो कोई घर में भी ना रखें, मुझसे कोई उम्मीद करना छोड़ दो ...