Best Hindi stories read and Download

दी एडवेंचर्स ऑफ़ शेरलोक होम्स
by Sir Arthur Conan Doyle
  • (106)
  • 89.2k

शेरलॉक होम्स के लिए वह हमेशा 'वो औरत' ही थी मैंने होम्स को किसी और नाम से उसका ज़िक्र करते शायद ही सुना हो उसकी आँखों ...

Chandragupt
by Jayshankar Prasad
  • (67)
  • 102.3k

चन्द्रगुप्त (सन् 1931 में रचित) हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार जयशंकर प्रसाद का प्रमुख नाटक है। इसमें विदेशियों से भारत का संघर्ष और उस संघर्ष में भारत की विजय की ...

दो कॉलगर्ल की कहानी
by Ranjeev Kumar Jha
  • (47)
  • 75.2k

---------------------------------- शहर की दो टॉप - क्लास कॉलगर्ल में , टॉप - क्लास की दोस्ती थी ।  एक दिन जब दोनो साथ बैठकर पी रही थी और उनपर सुरूर छाने लगा ...

Steve Jobs
by Kamini Gupta
  • (165)
  • 80.3k

Inspiration we get from Steve Jobs life

भाभी
by Roopanjali singh parmar
  • (40)
  • 47.4k

आप मेरी शादी कराना चाहती हैं ना, ठीक है तो सुनो.. मैं भाभी से शादी करना चाहता हूँ.. चटाक.. (थप्पड़ की आवाज़ से कमरा गूंज गया) क्या बक रहा ...

सिद्धार्थ - सम्पूर्ण उपन्यास
by Hermann Hesse
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  • 56k

सिद्धार्थ हरमन हेस द्वारा रचित उपन्यास है, जिसमें बुद्ध काल के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप के सिद्धार्थ नाम के एक लड़के की आध्यात्मिक यात्रा का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक ...

इनबॉक्स में रानी सारंगा : धइले मरदवा के भेस हो’
by Sanjeev Chandan
  • 84.5k

यह कहानी एक प्रेम के लिए समर्पित एक ऐसे स्त्री की कहानी है , जो विवाह के बाद और उम्र के चौथे दशक के अंत में प्रेम करते ...

कुत्तों का सामान्य इतिहास
by Shamad Ansari
  • 16.4k

     *कुत्तों का सामान्य इतिहास* Writer - Shamad Ansari इस विचार में कोई विसंगति नहीं है कि इस दुनिया में मनुष्य के निवास के शुरुआती दौर में उसने ...

बॉडी लैंगुएज
by S Sinha
  • (23)
  • 56.3k

सभी बातें शब्दों में बोली जाएँ यह आवश्यक नहीं है. बहुत बार हम अपनी बात दूसरों तक शरीर के हव भाव या हरकत से पहुँचा सकते हैं. इस लेख ...

लिव इन रिलेशनशिप्स की चाहत
by r k lal
  • (28)
  • 24.6k

“ लिव इन रिलेशनशिप्स की चाहत “ आर 0 के0 लाल   संजय ने अपने दोस्त पवन से कैंटीन में समोसा खाते हुए कहा-  "यार तुम बुरा न मानो ...

चरित्रहीन
by Hanif Madaar
  • (170)
  • 61.8k

औरत के इंसान होने के हक़ की बात करना भी उसके चरित्रहीन होने का प्रमाण घोषित हो जाता हो उस समाज में औरत की अस्मिता से जुड़े सवाल शायद ...

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं)
by MB (Official)
  • (43)
  • 43k

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं) 1. एक अपवित्र रात 2. प्रेमिका को सलाह 3. स्वागत-रोमन शैली 4. आत्मस्वीकृति 5. तीन दिलचस्प किस्से 6. नंगा लड़का 7. मुकाबला

Andher Nagri Chaupat Raja
by Bhartendu Harishchandra
  • (16)
  • 64.4k

( शहरका एक इलाका) (महन्त जी दो चेलों के साथ गाते हुए आते हैं) सब : राम भजो राम भजो राम भजो भाई।। राम के भजे से गनिका तर गई, राम के ...

काला जादू - सच्ची घटना
by Atal Painuly
  • (60)
  • 36k

यह घटना वास्तविक है जो 2014 की  है, जब मेरे विद्यालय के एक अध्यापक हो  निरीकक्षण  कार्य के लिए जौनसार बाबर में जाना पड़ा । जैसा कि अधिकतर विद्यालयों ...

गोदान - सम्पूर्ण उपन्यास
by Munshi Premchand
  • (53)
  • 39.8k

गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास माना जाता है। कुछ लोग इसे उनकी सर्वोत्तम कृति भी मानते हैं। इसका प्रकाशन १९३६ ई० में हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय, ...

प्रेमचंद की बेनमून लघु कहानियाँ
by Munshi Premchand
  • (66)
  • 44.3k

प्रेमचंद की बेनमून लघु कहानियाँ 1. ईदगाह 2. नमक का दरोगा 3. पूस की रात 4. शतरंज के खिलाड़ी

Musafir Cafe Book Review - मुसाफिर काफे पुस्तक परिचय
by Mahendra Sharma
  • (20)
  • 35k

मुसाफिर कैफे, दिव्य प्रकाश दुबे के काफे में मज़ेदार चाय के साथ पराठे वाली फीलिंग कराने वाली कहानी है। क्या हम कभी मिले हैं? हाँ शायद कहाँ? किसी किताब ...

पार्थ आपका बेटा है
by Roopanjali singh parmar
  • (18)
  • 20.3k

नैना अपनी माँ अरुणा जी की लाड़ली बेटी थी। उसकी माँ ने अकेले ही उसको पाला था। नैना के पिता की मृत्यु नैना के बचपन में ही हो गई ...

मेरी सहेली
by Sanjay Nayka
  • (46)
  • 36k

हमारे दिल में कुछ राज होते है जो हम किसी एक शख्स को जरुर कहते है क्युकि हम उस शख्स पर भरोषा करते है मेरी कहानी ...

नमक का दरोगा
by Munshi Premchand
  • 31.7k

Namak Ka Daroga - Munshi Premchand

तुम कब आओगे
by sangeeta sethi
  • (18)
  • 49k

यह कहानी एक लेखक और पाठक के सम्बन्धो की कहानी है लेखक भले ही लिखता है पाठक के लिए परन्तु उसके दिल के मर्म को नहीं समझ ...

विश्व बंधुत्व आज की आवश्यक्ता
by Ashish Kumar Trivedi
  • 42.5k

आज दुनिया भर में चारों तरफ अशांति का माहौल है। कहीं युद्ध तो कहीं आतंकी हमला, हत्या, बलात्कार, एक दूसरे के अधिकारों का हनन। इन सब के कारण वातावरण ...

व्योमवार्ता - डॉ० राजीव मिश्रा की किताब विषैला वामपंथ
by व्योमेश
  • (17)
  • 44k

व्योमवार्ता /विषैला वामपंथ, जिसे बहुत पहले प्रकाशित हो कर पढ़ना चाहिये था : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 27जनवरी 2020                    मुखपुस्तिका(फेसबुक) ...

मंत्र
by Munshi Premchand
  • 37.7k

Mantra - Munshi Premchand

भूतिया रेस्टोरेंट
by सोनू समाधिया रसिक
  • (70)
  • 22k

रोहित और सौरभ दोनों दोस्त जॉब की तलाश में भटक रहे थे। इसी के चलते दोनों कई एक्जाम दे चुके थे।दिसंबर के महीने में दोनों एक एक्जाम देकर बापस ...

शादी की सालगिरह
by Junaid Chaudhary
  • 9.6k

शादी की पहली सालगिरह मुबारक हो,रात के बारह बजे में ने उसे जगा कर मुस्कुराते हुए मुबारक बाद दी,उसने पहले नींद में मुझे देखा फिर मुस्कुराते हुए मुबारक बाद ...

संयोग से हुआ रिश्ता
by एमके कागदाना
  • (17)
  • 15.5k

् मैं वो दिन कैसे भूल सकती थी । जिस दिन ने मेरी रातों की नींद उड़ा दी थी। वह दिन फिर से मेरी आंखों के सामने तैर गया। जब ...

सूर्य-पुत्र कर्ण
by paresh barai
  • (53)
  • 34k

महाभारत कथा के प्रसिद्ध पात्र सूर्य पुत्र कर्ण के जन्म से मृत्यु तक की सम्पूर्ण कहानी संक्षिप्त में।

पापा मर चुके हैं
by Jaishree Roy
  • 14.6k

आज एकबार फिर अरनव को बिस्तर पर उसकी इच्छाओं के चरम क्षण में अचानक छोडकर मै उठ आयी थी। अब बाथरूम के एकांत में पीली रोशनी के वृत के ...

मंटो की कहानियां
by Saadat Hasan Manto
  • (39)
  • 26.2k

सआदत हसन मंटो का जन्म- 11 मई, 1912 को समराला, पंजाब में हुआ था। आप कहानीकार और लेखक थे। मंटो ने फ़िल्म और रेडियो पटकथा लेखन व पत्रकारिता भी ...

विक्रमोर्वशीयम्
by Kalidas
  • (54)
  • 33.8k

एक बार देवलोक की परम सुंदरी अप्सरा उर्वशी अपनी सखियों के साथ कुबेर के भवन से लौट रही थी। मार्ग में केशी दैत्य ने उन्हें देख लिया और तब ...

त्रिया चरित्र
by Munshi Premchand
  • (16)
  • 28.6k

Triya Charitra - Munshi Premchand

बोहेमिया के स्कैंडल - संपूर्ण उपन्यास
by Sir Arthur Conan Doyle
  • 25.1k

शेरलॉक होम्स के लिए वह हमेशा 'वो औरत' ही थी मैंने होम्स को किसी और नाम से उसका ज़िक्र करते शायद ही सुना हो उसकी आँखों ...

सीमित प्रेम
by रामानुज दरिया
  • 14.4k

एक लड़का है जिसे लोग आशु के नाम से जानते हैं ,नाम से कम उसके काम से लोग ज्यादा जानते है।एक नाम आशी जिसकी अदाओं से लोग जानते है ...

तानाजी मालुसरे - मराठा शेर
by MB (Official)
  • (29)
  • 27.6k

मराठा सेना का शेर जिसने मराठा साम्राज्य के लिए कई युद्ध लड़े और मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह कहानी वीर तानाजी मालुसरे की है जिनकी ...

कहो नहि करो
by Dietitian Snehal Malaviya
  • (20)
  • 14k

“रवि, देखो तुम्हारे लाडले ने क्या किया है” वो छोटा सा बच्चा अपनी माँ के पीछे छुप रहा था और एक आँख से अपने पापा को देख रहा था।“मेरे ...

चुड़ैल है - एक सत्य घटना
by Sushank Patil
  • (145)
  • 31.5k

रविने अपनी कहानी सुनाते हुए खा की वो उस रोज़ शहर में लगे मेले को देखने गया था और वहां से लौटते हुए उसको ग्यारह बज गये थे ...

टिफिन
by Satender_tiwari_brokenwordS
  • (16)
  • 14.2k

इस कहानी एक काल्पनिक रचना है। इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है।। **********************************************रोहन की टिफ़िन में दाल चावल होता था जिसे वो बिरयानी बोलता था। और अमन के ...

वह रात किधर निकल गई
by Geeta Shri
  • 14.4k

वह रात नसीबोवाली नहीं थी. देर रात फोन पर झगड़ने के बाद बिंदू किसी काम के लायक नहीं बची थी। आयशा और वैभव दोनों दूर से सब देख समझ रहे थे, ...

मारे गये गुलफाम
by Phanishwar Nath Renu
  • (74)
  • 25.1k

मारे गये गुलफाम एक कहानी है जिसके रचायिता फणीश्वर नाथ रेणु हैं। इसपर हिन्दी में एक फिल्म तीसरी कसम बनाई गई है

मायका और ससुराल
by Roopanjali singh parmar
  • (25)
  • 18.9k

रीना की शादी को चार साल हो गए थे, उसका एक बेटा भी था अभय, जो एक साल का था। पति हर्ष और सास करुणा उसे बहुत प्यार करते ...

मां का अंतिम समय 
by Ashish Dalal
  • (12)
  • 11.9k

‘बस। अब और नहीं होता मुझसे। परेशान हो गई हूं मैं।’ उसके अंतिम कौर मुंह में डालते ही जूठी थाली उसके सामने से उठाते हुए बड़बड़ाती वह बोली। बादल ...

जो रोम रोम में है, उसे कैसे भूल जाऊं
by Roopanjali singh parmar
  • (19)
  • 8.9k

समय और नैना एक दूसरे को कॉलेज के दिनों से जानते थे। समय उसका सीनियर था और उससे 2 साल बड़ा भी था..नैना और समय में जैसे-जैसे पहचान हुई ...

साली पर नजर
by r k lal
  • (57)
  • 12.9k

“साली पर नजर” आर0 के0 लाल           घर में शादी का माहौल था सौम्या की दीदी की शादी थी इसलिए उसकी कई सहेलियां आई थी। रात में गाना बजाना ...

बाँझ
by Mirza Hafiz Baig
  • 13.3k

बांझ1.शाम. . .खिड़की से बाहर देखते हुए, अपनी आत्मा के दर्द को महसूस करना जैसे उसके जीवन का ढर्रा बन गया था। शाम, रात में बदलने लगी थी। उसने ...